फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Junior assistant got job through fake degree

फर्जी डिग्री से पाई कनिष्ठ सहायक की नौकरी

Tue, 30 Aug 2016 11:23 AM IST
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 30 Aug 2016 11:23 AM IST
विज्ञापन
Junior assistant got job through fake degree
संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के नाम पर पूरे यूपी में बांटी गईं डिग्रियां - फोटो : getty

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में पिछले वर्ष शुरू हुई कनिष्ठ सहायकों की भर्ती प्रक्रिया में फर्जी डिग्री और दस्तावेज जमा कराने का खुलासा हुआ है।

विज्ञापन


विभागीय जांच में 11 में से सात कर्मियों के दस्तावेज सही मिले हैं। जबकि तीन कर्मियों के दस्तावेजों को दोबारा सत्यापन के लिए भेजा गया है। वहीं एक अभ्यर्थी के दस्तावेज फर्जी होने की पुष्टि हो गई है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने पिछले वर्ष जून में कनिष्ठ सहायकों की विज्ञप्ति निकाली थी। जिसके बाद इनकी भर्ती प्रक्रिया की गई।
विज्ञापन


चयन के बाद सत्यापन के दौरान आयोग ने एक अभ्यर्थी के दस्तावेज फर्जी होने का संदेह जताया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कनिष्ठ सहायक के लिए चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेजों का मूल प्रमाण पत्रों से सत्यापन कराए जाने के लिए समिति गठित की।
विज्ञापन
विज्ञापन


समिति की 22 अगस्त को हुई बैठक में दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। दस्तावेज सत्यापन के लिए 11 में से 10 अभ्यर्थी ही पहुंचे, इसमें से सात अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र सही पाए गए। विभाग ने चयनित अभ्यर्थी शशांक चौहान के हाईस्कूल के दस्तावेजों की जांच चयन आयोग से अपने स्तर से करने का अनुरोध किया था।

महानिदेशालय ने सचिव उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद और कुलपति/कुलसचिव गुरुकुल विवि वृंदावन को उसके शैक्षणिक जांच के लिए भेजे। सचिव गुरुकुल विवि वृंदावन ने शशांक चौहान के हाईस्कूल के दस्तावेजों को पूरी तरह फर्जी बताया है। वहीं एक अन्य अभ्यर्थी प्रीति विश्नोई के इंटरमीडिएट के दस्तावेजों का भी सत्यापन न होने पर यूपी बोर्ड सचिव से दोबारा सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया।

सचिन मिश्रा के इंटरमीडिएट के प्रमाण पत्रों को निदेशक माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तराखंड को भेजा जाएगा। वह बताएंगे कि यह उनकी डिग्री राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान नोएडा से मिली डिग्री के समकक्ष है या नहीं। डिग्री समकक्ष न होने पर उनकी नियुक्ति नहीं होगी। 


हरिद्वार-ऊधमसिंह नगर के अभ्यर्थी
जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेज संदिग्ध और फर्जी मिले हैं, वह सभी हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के हैं। इन्होंने जो दस्तावेज जमा कराए, वह उत्तर प्रदेश से जारी किए गए हैं। उत्तराखंड के छात्रों के यूपी के दूरस्थ क्षेत्रों से डिग्री लेने पर संदेह होने के बाद जांच का फैसला किया गया था।

दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान एक अभ्यर्थी के प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हो गई है। अन्य तीन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का भी सत्यापन नहीं हो पाया है। इसके लिए दोबारा सत्यापन का अनुरोध किया गया है। पुलिस सत्यापन की कार्रवाई भी की जा रही है।
- डा. एससी पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed