केरल के जेसीबी ऑपरेटर की काली नदी में गिरने से मौत, पांच घंटे खोजबीन के बाद मिला शव
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उत्तराखंड के पिथौगराढ़ में तवाघाट-गर्भाधार मार्ग पर सड़क बंद होने के दौरान चट्टानों के ऊपर से जा रही महिला और बच्चे की मदद के लिए गए जेसीबी ऑपरेटर की काली नदी में गिरने से मौत हो गई। पांच घंटे खोजबीन के बाद उसका शव घटनास्थल से 800 मीटर दूर मिला।
तवाघाट से गर्भाधार के लिए 65 आरसीसी ग्रिफ सड़क निर्माण का काम कर रही है। 20 जून की रात को सड़क कटिंग के दौरान ब्लास्टिंग होने से बड़े बोल्डरों के गिरने से सड़क बंद हो गई थी।
सड़क बंद होने से 21 जून की सुबह ग्रामीणों को चट्टानों के ऊपर से आवाजाही करनी पड़ी। सुबह 8.15 बजे एक महिला अपने बच्चे के साथ जा रही थी। पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर गिर रहे थे। खतरे को देखते हुए उनकी मदद के लिए कुछ मजदूरों के साथ जेसीबी ऑपरेटर कुंजु (55) पुत्र मथाई वर्गीस मौके पर गया था।
इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह लगभग 20 मीटर नीचे काली नदी में गिर गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार विपिन चंद मुंदगली, पटवारी धारचूला हुकुम सिंह धामी, थानाध्यक्ष धारचूला विजेंद्र शाह,थानाध्यक्ष पांगला नरेंद्र अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर एसडीआरएफ के जवानों के साथ ढूंढ़खोज शुरू की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
पिथौरागढ़ से तवाघाट पहुंचे ग्रिफ के कमान अधिकारी ले.कर्नल प्रदीप कुमार ने मजदूरों के साथ काली नदी में गिरे कुंजु की तलाश शुरू की। पांच घंटे की मशक्कत के बाद घटनास्थल से लगभग आठ सौ मीटर दूर उसका शव मिला।
कमान अधिकारी ने अन्य अधिकारियों की मदद से कुंजु का शव सड़क तक पहुंचाया। पंचनामा भरने के बाद धारचूला में उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया। ले.कर्नल प्रदीप कुमार ने बताया कि आपरेटर कुंजु का शव यहां से दिल्ली तक वाहन से भेजा जाएगा। दिल्ली से हवाई जहाज से केरल भेजा जाएगा।