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Dehradun News: एप्पल मिशन की राजसहायता में गड़बड़ी, 7.40 लाख की वसूली का नोटिस

Sat, 10 Oct 2026 06:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Updated Sat, 10 Oct 2026 06:16 PM IST
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Irregularities in Apple Mission subsidy; notice issued for
जौनसार-बावर के मेहरावना गांव में एप्पल मिशन योजना के तहत सेब का बगीचा लगाने के नाम पर सरकारी धन (राजसहायता) के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में जिस जमीन पर बागीचा लगाने का दावा किया गया था, वहां मौके पर कोई बागान नहीं मिला। इस पर मुख्य उद्यान अधिकारी (सीएचओ) ने किसान श्यामदत्त जोशी को 7,40,807 रुपये की धनराशि वापस सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश देते हुए वसूली का पहला नोटिस जारी किया है।
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जानकारी के अनुसार, मेहरावना निवासी सुरेशानंद शर्मा ने शिकायत की थी कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में एप्पल मिशन के तहत दी गई राजसहायता में भारी अनियमितता बरती गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य कृषि अधिकारी, देहरादून की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति गठित कर जांच कराई गई। सीएचओ की ओर से 30 सितंबर को जारी विभागीय नोटिस के अनुसार, किसान श्यामदत्त जोशी और उनके भाइयों (विद्यादत्त, रवि तथा मायादत्त) ने योजना के तहत 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में सेब का बागीचा स्थापित करने के लिए राजसहायता ली थी।
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इन मदों में लिया गया था अनुदान
किसानों ने फल पौध, सूक्ष्म सिंचाई, प्लास्टिक मल्चिंग, ट्रेलिस स्थापना, ओलावृष्टि से बचाव के लिए जाल, घेरबाड़, रसायन, खाद और मजदूरी सहित विभिन्न मदों में यह सब्सिडी प्राप्त की थी। लेकिन जांच समिति ने जब मौके का मुआयना किया, तो संबंधित रकबे में कोई बागीचा स्थापित नहीं मिला। इसके बाद विभिन्न मदों में दी गई कुल 7,40,807 रुपये की धनराशि की वसूली निर्धारित की गई है।
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चालान की प्रति विभाग को सौंपने के निर्देश
सीएचओ डॉ. डीके तिवारी ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि निर्धारित धनराशि संबंधित सरकारी लेखाशीर्ष में जमा कराई जाए और चालान की प्रति विभागीय कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उद्यान सचल दल केंद्र, चकराता को भी किसान से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जानकारी जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी समेत उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।


जिस रकबे में सेब का बगीचा लगाने के लिए राजसहायता ली गई थी, जांच के दौरान मौके पर उस रकबे में कोई बागान नहीं मिला। जांच आख्या के आधार पर ही रिकवरी निर्धारित करते हुए किसान को 7.40 लाख रुपये की धनराशि वापस जमा कराने का नोटिस जारी किया गया है। - डॉ. डीके तिवारी, सीएचओ।
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