फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   international vaishya sammelan

परिचय सम्मेलन में बातचीत के साथ ही मिला ली कुंडली

Mon, 30 May 2016 10:03 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 30 May 2016 10:03 AM IST
विज्ञापन
international vaishya sammelan
international vaishya sammelan - फोटो : amar ujala

अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की ओर से देहरादून में आयोजित परिचय सम्मेलन में करीब आठ सौ युवक-युवतियों ने परिवार वालों के साथ हिस्सा लिया। सभी ने अपने लिए रिश्ते पसंद किए और अलग से टेबल पर एक-दूसरे से बातचीत की। जिन लोगों को रिश्ते पसंद आ गए उन्होंने लगे हाथ पंडितों से कुंडली का मिलान भी करा लिया।

विज्ञापन


रविवार को कारगी रोड स्थित ब्लेसिंग फार्म में एक दिवसीय परिचय सम्मेलन में उत्तराखंड के अलावा यूपी, हरियाणा और पंजाब आदि जगहों से लोग पहुंचे। युवतियों के लिए आवेदन शुल्क सौ रुपये और युवकों के लिए तीन सौ रुपये रखा गया था। जिन लोगों को रिश्ते समझ में आए और उन्होंने रुकने की इच्छा जताई, उनके लिए आयोजकों ने रुकने की व्यवस्था भी कर दी।
विज्ञापन


परिचय सम्मेलन की शुरुआत सुबह कनक कला केंद्र की गुरु वीना अग्रवाल और उनके शिष्यों की शिव-पार्वती विवाह गीत पर नृत्य के साथ हुआ। इस दौरान संक्षिप्त रूप में एक गीत के माध्यम से विवाह की पूरी रस्म दिखाई गई। इसके बाद लोगों ने अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन की ओर से छापी गई स्मारिका में रिश्ते ढूंढने शुरू किए। जिसे जो युवक या युवती पसंद आई उनके घर वालों ने आयोजकों से उनकी जानकारी ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोजकों ने इन रिश्ते वालों को स्टेज से बोलकर बाहर टेबल पर मिलने को कहा। एक परिवार ने तीन से चार लोगों से बात की। जिसकी बात बनी उन्होंने लड़के-लड़कियों की भी अलग से बात कराई। साथ ही पंडितों से कुंडली भी मिलवाई। 
महासम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल गुप्ता ने बताया कि पहले के समय में लोग रिश्ते लेकर आते थे। इस समय में कोई किसी को रिश्ता नहीं बताता या फिर लोग काफी व्यस्त हो गए हैं।

ऐसे में हमारी ओर से यह पहल इसलिए की गई है, ताकि एक जगह ही आसानी से वैश्य लोगों को रिश्ते मिल सकें। उन्होंने बताया कि लड़के-लड़कियां भी नौकरी में व्यस्त हैं। करियर की चिंता में वह समय पर शादी नहीं कर पाते हैं। सम्मेलन के माध्यम से ऐसे लोगों की समय पर शादी भी हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि सभी लोगों के लिए खाने आदि की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। जिन्होंने रुकने की इच्छा व्यक्त की, उनके लिए भी अलग से व्यवस्था करा दी गई। आयोजन में सचिन गुप्ता, कृष्ण कुमार गर्ग, राजेंद्र प्रसाद गोयल, विवेक अग्रवाल, हरिओम, महावीर प्रसाद गुप्ता, देवेंद्र गोयल, रमा गोयल, सुधीर अग्रवाल, अजय गर्ग, शरद, दीपक, राधेश्याम गोयल आदि ने सहयोग किया। 

एलईडी स्क्रीन पर दिखाए गए फोटो
लड़की का नाम, हाइट और वजन के साथ ही सैलरी भी मंच से बताई जा रही थी। बाकायदा स्टेज पर लगी एलईडी स्क्रीन से उनकी फोटो भी दिखाई जा रही थी। जो लोग आपस में मिलना चाह रहे थे उनकी फोटो स्क्रीन पर दिखाकर उन्हें दिए हुए नंबर बताए जा रहे थे। साथ ही टेबल नंबर बताकर उन्हें उस टेबल पर मिलने भेजा जा रहा था।

लड़कियों की सैलरी लड़कों से मोटी 
सम्मेलन में आठ हजार से एक करोड़ तक के वार्षिक पैकेज वालों के रिश्ते आए थे। लड़कियों का पैकेज भी तीन लाख, आठ लाख, दस लाख और इससे अधिक भी था। वहीं लड़कियों की शिक्षा भी लड़कों की अपेक्षा अधिक थी। ऐसे में वह अपने से अधिक पैकेज वाला लड़का ही चाहती थीं, जबकि कई लड़कों की सैलरी लड़कियों से कम थी। लिहाजा लड़कियों ने रिश्ते से मना कर दिया।

सम्मेलन के प्रदेश महामंत्री विनय गोयल ने बताया कि लड़कों का पैकेज भी लाख से करोड़ तक था। लेकिन जो रिश्ते आए उनमें अधिकतर लड़कियां अच्छी पोस्ट पर थीं। उनके मुकाबले लड़कों की सैलरी कम थी। साथ ही लड़के-लड़कियां एक  जैसे प्रोफेशन को तवज्जो दे रहे थे। लड़कियां अधिक शिक्षित होने के कारण भी लड़कों को मना कर दे रही थीं।

कुंडली देखने वाले पंडित ईश्वरानंद ने बताया कि लोग कम से कम बीस गुण जुड़वा रहे हैं। गुण के साथ ही मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने को तवज्जो दे रहे थे। जबकि दुकानदार को कोई पसंद नहीं कर रहा है। यदि लड़का दुकानदार है तो सभी रिश्ते से साफ मना कर दे रहे हैं।

यह एक अच्छी पहल
चकराता रोड निवासी सोनल गुप्ता ने अपनी मम्मी रेनु गुप्ता के साथ परिचय सम्मेलन में पहुंची। सोनल ने बताया कि  जब उन्हें सम्मेलन की जानकारी मिली तो अच्छा लगा। पहले तक तो रिश्तेदार भी रिश्ता ले आया करते थे लेकिन आज के समय में कोई नहीं बताता। अभिभावक भी कहां तक रिश्ता ढूंढने जाएंगे। ऐसे में यह एक अच्छा रास्ता है।

इससे अभिभावकों को भटकना नहीं पड़ेगा। सहारनपुर निवासी कुनाल गर्ग भी सम्मेलन में रिश्ते के लिए पहुंचे। दून निवासी कजन मनोज सिंघल ने उन्हें यहां बुलाया। कुनाल ने बताया कि यहां जो भी होगा बड़ों की इच्छा से होगा और बड़े हमारे लिए अच्छा ही सोचेंगे। सम्मेलन में परिवार वालों की मर्जी से रिश्ते होंगे, जो एक अच्छी पहल है।


खूबसूरती के साथ वर्किंग भी
सम्मेलन में पहुंचे अधिकतर लड़के सुंदर और वर्किंग लड़की की तलाश में थे। हाउस वाइफ पसंद करने वाले बहुत ही कम लोग थे। सभी की डिमांड एक सी थी कि लड़की दिखने में सुंदर हो, पतली हो और हाइट लड़के से मैच करती हो। इसके साथ-साथ लड़की जॉब भी करती हो। लड़कियों की डिमांड सुंदर लड़के से अधिक उनकी शिक्षा और सैलरी पैकेज पर था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed