जिदंगी और मौत के बीच झूल रहे थे दो युवक, फरिश्ता बनकर आया ये पुलिस अफसर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंसानियत का फर्ज क्या होता है, इसका अच्छा उदाहरण नरेंद्रनगर थाना निरीक्षक रामकिशोर सकलानी ने दिया है। भद्रकाली तिराहा से करीब एक किमी आगे हुए हादसे में घायल हुए बाइक सवार दो युवकों से इंस्पेक्टर रामकिशोर ने नई जिंदगी देने का काम किया है।
इंस्पेक्टर सकलानी ने बताया कि उनके पास मुनिकीरेती के अंतर्गत पुलिस चौकी ढालवाला का अतिरिक्त कार्यभार भी है। पुलिस चौकी से काम निपटाकर वह नरेंद्र नगर थाना जा रहे थे, इसी दौरान भद्रकाली तिराहा से आगे उन्होंने लोगों की भीड़ देखी।
दो युवक सड़क पर दर्द से छटपटा रहे थे, लेकिन किसी ने भी मदद को आगे हाथ नहीं बढ़ाए। नौजवानों का दर्द महसूस करते हुए उन्होंने 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन दूसरे केस में व्यस्तता बताते हुए उन्होंने थोड़ी देर लगने को कहा।
अस्पताल में वार्ड ब्वाय भी बन गए रामकिशोर
दोनों नौजवानों को समय पर उपचार मिल सके, इसलिए उन्होंने दोनों नौजवानों को अपनी कार में बिठाया और अस्पताल लेकर आ गए। भारी बारिश होने के बावजूद उन्होंने अपनी यह हिम्मत दिखाई। अस्पताल पहुंचकर इंस्पेक्टर रामकिशोर सकलानी ने खुद वार्ड ब्वाय की भूमिका भी निभाई।
अस्पताल पहुंचकर जब रामकिशोर स्टाफ की कमी देखी तो खुद ही स्ट्रेचर संभालते हुए वार्ड ब्वाय की भूमिका भी निभाई, और घायलों को इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों की व्यवस्था न होने के कारण दोनों घायलों को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट रेफर किया गया।