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भारत-नेपाल सीमा पर 26 मई तक होगा पूरा होगा क्षतिग्रस्त पिलरों के चिह्नीकरण का काम
Fri, 17 Jan 2020 10:54 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 17 Jan 2020 10:54 PM IST
सार
- भारत नेपाल अधिकारियों की बैठक में बनी सहमति
- सर्वे के दौरान होने वाली परेशानियों को आपसी सहमति से निस्तारित करेंगे दोनों देशों के अफसर
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भारत नेपाल सीमा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारत-नेपाल सीमांकन करने वाले सीमा स्तंभों (पिलरों) की दशा, दिशा एवं क्षतिग्रस्त पिलरों के पुनर्निर्माण को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों की बैठक बनबसा स्थित एनएचपीसी सभागार में हुई। तय किया गया कि 26 मई तक सर्वे कर गायब, टूटे और क्षतिग्रस्त पिलरों को चिह्नित किया जाएगा।
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शुक्रवार को एनएचपीसी सभागार में डीएम एसएन पांडेय एवं नेपाल कंचनपुर के डीएम (सीडीओ) सुशील वैद्य की मौजूदगी में हुई बैठक में सीमांकन पिलरों के संबंध में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पिलर संख्या 711 से 800 तक के टूटे, क्षतिग्रस्त और गायब पिलरों का 26 मई तक चिह्नीकरण करने का निर्णय लिया गया।
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कंचनपुर के डीएम सुशील वैद्य एवं कैलाली के डीएम योगराज बोहरा ने कहा कि दोनों देशों की सर्वे टीमों ने कार्य आगे बढ़ाने और तय मेंडेड के अनुसार पिलर संख्या 700 से कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। सर्वे टीमों को पिलर संख्या 700 से कार्य करने का मेंडेड पूर्व से निर्धारित है। सर्वे के दौरान आने वाली समस्याओं के निस्तारण को दोनों देशों के प्रशासनिक अफसर हल निकालेंगे।
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बैठक में चंपावत के डीएम, कंचनपुर (नेपाल) के डीएम, यूपी सिंचाई विभाग शारदा हेडवर्क्स के अधिकारियों, दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों, बार्डर प्रहरियों, लखीमपुर खीरी, ऊधमसिंह नगर के अधिकारियों, वन विभाग, पुलिस, सर्वे ऑफ नेपाल और सर्वे आफ इंडिया के अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए। तय किया गया कि सर्वे के दौरान सभी अधिकारी आपसी तालमेल बनाने के साथ संपर्क में रहेंगे।
26 मई तक होने वाले सर्वे के बाद पुन: बैठक कर आगे की कार्यवाही का फैसला लिया जाएगा। सर्वे में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए सर्वे टीम के वाहनों और सर्वे टीम की आईडी दोनों देशों के अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी। डीएम योगराज बोहरा ने कहा कि सीमा पर हुए अतिक्रमण के संबंध में जानकारी जुटाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। चार माह बाद क्लोजिंग मीटिंग में सर्वे एवं अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा होगी।
बैठक में मौजूद रहे अधिकारी
नेपाल की ओर से
करनाली जिले के डीएम मोहन चंद्र जोशी, एसपी कमल प्रसाद, एसपी वीर सिंह (एपीएफ), सीओ जनक, मोहनराज, लक्ष्मण प्रसाद, सुदर्शन सिंह, करन सिंह, एसपी कंचनपुर सुदीप गिरी व मुकुंडा, विकास पांडे, संतोष पंडित, करन सिंह रावल, महादेव भट्ट, गणेश सिंह, सीओ सर्वे जनक बहादुर, सर्वेयर करन सिंह रावत, महादेव भट्ट, पूरन बहादूर खड़का।
भारत की ओर से
चंपावत के एसपी लोकेश्वर सिंह, एनएचपीसी के महाप्रबंधक पवन कुमार गुप्ता, डीएफओ नवीन कांडपाल एवं कुंडल कुमार, एडीएम चंपावत टीएस मर्तोलिया, एसडीएम दयानंद सरस्वती, खटीमा के एसडीएम गौरव सिंघल, चंपावत के सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, लोनिवि के ईई विभोर गुप्ता, डीएफओ पीलीभीत नवीन कांडपाल, हल्द्वानी के कुंदन कुमार, तहसीलदार पीलीभीत राकेश कुमार, सीओ लखीमपुर राकेश कुमार, सीओ पीलीभीत धरम सिंह, एसएसबी के सुविन्दर, एसडीएम पलिया पूजा यादव, ईई राजेश पुनेठा, तहसीलदार खुशबू पांडेय आदि थे।