सीमा पर दुश्मनों को खदेडेंगे स्कूलों के बच्चे
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सीमा पर दुश्मनों से निपटने के लिए भारतीय सेना अब सीमांत बच्चों की मदद लेगी। सेना ऐसे बच्चों को ट्रेनिंग देने का प्रोग्राम भी बना रही है।
उत्तराखंड के खटीमा में एसएसबी 57 की सुंदर नगर चौकी में आईजी श्याम सिंह ने कहा कि सीमा पर जवान बेहद कठिन परिस्थितियों में रहता है। सीमा पर गोला, बारूद, जाली नोट, मानव तस्करी रोकना, वन संपदा, वन्य जंतुओं की सुरक्षा, टैक्स की चोरी रोकने के लिए दिन-रात ड्यूटी करते हैं।
पर सीमा की असली सुरक्षा यहां रहने वाले लोग करते हैं। हमें केवल उन्हें सहयोग करना होता है। हमें सुझाव दें कि गांव के विकास के लिए क्या हो सकता है और हम आपको क्या सहयोग कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001804015 जारी किया। इसमें कोई भी व्यक्ति किसी भी समस्या को रख सकता है।
उन्होंने कहा कि हर माह की 15 तारीख को एसएसबी और ग्रामीणों के बीच बैठक होगी। सुंदर नगर चौकी में एसएसबी ने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की बैठक बुलाई। इसमें 31 दिसंबर की रात को हुई घटना पर चर्चा हुई।
लोगों और सेना की बीच संवाद जरूरी
बैठक में एसएसबी की छह बटालियन के आईजी सिंह रानीखेत से यहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि सीमांत क्षेत्र में एसएसबी समय-समय पर चिकित्सा, पशु चिकित्सा, स्कूल कॉलेज में कंप्यूटर, फर्नीचर, शौचालय की व्यवस्था करती है। इसके अलावा अब सीमांत क्षेत्र में 10+2 के ऐसे छात्र जो सेना में जाने के लायक हैं।
उन्हें ट्रेनिंग देने का प्रोग्राम भी बना रही है। वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन बोरा ने कहा कि सीमा पर रहने वालों और एसएसबी के जवानों के बीच परस्पर संवाद जरूरी है। ग्रामीण दीपक कुमार ने कहा कि 31 दिसंबर को हुई घटना का खुलासा होना चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य पति कन्हैया ने कहा कि नेपाल सीमा पर कई किसानों के खेत हैं। उन्हें खाद लेकर जाने में परेशान किया जाता है। आईजी सिंह ने कहा कि ऐसे किसानों का चिन्हीकरण किया जाएगा और घरेलू सामान लाने वाले को नहीं रोका जाएगा।
एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल ने भी एसएसबी और ग्रामीणों के बीच संवाद जरूरी है। इस मौके पर सीओ जेआर जोशी, थाना प्रभारी दिनेश फर्त्याल, कमांडिंग अफसर किशन राणा, जेपी राणा, एरिया जेपी आर्य, वन दरोगा जशोद सिंह, रामू भारती, प्रवीन शर्मा थे।