भारतीय सेना ने PM का सौंपी राहत राशि चेक की 'डमी'
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थलसेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह ने सेना दिवस (15 जनवरी) पर प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए 100 करोड़ रुपए का ‘डमी चेक’ पीएम नरेंद्र मोदी को सौंपा था, लेकिन राशि अब तक जमा नहीं हो पाई।
सेना ने अब जाकर प्रधानमंत्री कार्यालय को यह धनराशि सौंपने की प्रक्रिया शुरू की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी दी कि राहत राशि अभी तक प्रधानमंत्री राहत कोष को प्राप्त नहीं हुई है। 15 जनवरी को सेना दिवस पर थल सेना अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को चेक सौंप दिया था और इसकी बाकायदा तस्वीर के साथ विज्ञप्ति जारी की गई थी।
समारोह में रक्षा मंत्री मनोहर परिकर भी मौजूद थे। विज्ञप्ति में लिखा था कि सैन्य कर्मियों का एक दिन का वेतन काटकर सेना ने प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए 100 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इस बाबत 24 जनवरी को सूचना के अधिकार में सेना मुख्यालय से जानकारी मांगी गई कि वेतन कटौती के लिए सैन्य कर्मियों की सहमति ली गई या नहीं।
अगर ली गई तो क्या सभी की रजामंदी है। सीडीए को वेतन कटौती के लिए भेजे गए आदेश की प्रति भी आवेदक ने मांगी।
चल रही एक दिन का वेतन लेने की प्रक्रिया
सेना से आरटीआई में जो जवाब आया, उस पर 20 मार्च अंकित है लेकिन डाक से जवाब 12 मई को देहरादून के आवेदक प्रभु डंडरियाल तक पहुंचा। सेना ने किसी तरह की कटौती से इनकार किया है।
इसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता डंडरियाल ने 12 मई को ही प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना के अधिकार के तहत पीएम कोष में दान राशि की बाबत पूछा तो 29 जून को पीएमओ का जवाब मिला कि अभी तक दान की राशि प्रधानमंत्री राहत कोष को प्राप्त नहीं हुई है।
दान की राशि के संबंध में सेना की औपचारिक प्रतिक्रिया में कहा गया है कि एक दिन की तनख्वाह काटने की अधिकारियों और जवानों से लिखित अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है।
यह प्रक्रिया पूरी होते ही अधिकारियों और जवानों की एक दिन की तनख्वाह प्रधानमंत्री राहत कोष में भेज दी जाएगी। हालांकि सेना के सूत्रों का कहना है कि उच्च सैन्य अधिकारियों ने जल्दबाजी में अधिकारियों और जवानों की एक दिन की तनख्वाह तकनीकी तौर पर जरूरी अनुमति के बिना प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजने का फैसला किया था। बाद में अंदरखाने इस फैसले का विरोध हुआ था।