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वायु प्रदूषण रोकेगी देशी एंटी स्मॉग गन, देखिए ऐसे करती है काम

Sun, 29 Apr 2018 01:27 PM IST
दीपक सिंह नेगी, अमर उजाला, हल्द्वानी
दीपक सिंह नेगी, अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sun, 29 Apr 2018 01:27 PM IST
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indian anti smog gun invented in uttarakhand
bhupendra anti smog machine - फोटो : amar ujala

पराली जलाने के अलावा प्रदूषण के चलते दिल्ली, हरियाणा से लेकर मेरठ और कानपुर तक छाई धुंध से निपटने के लिए चाइना से मंगाई स्मॉग गन ने खूब चर्चा बटोरी थी। हालांकि इस स्मॉग गन के इस्तेमाल से पानी की खूब बर्बादी होती है, पर रुद्रपुर में सस्ते गल्ले की दुकान चलाने वाले एक शख्स ने ऐसी तकनीक पर आधारित स्मॉग गन तैयार की है जो कम लागत के साथ पानी भी कम खर्च करती है।

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किच्छा के आवास विकास निवासी भूपेंद्र आर्ट साइड से पढ़े हैं, लेकिन उन्हें बचपन से ही कुछ नया करने की आदत है, जिसने धीरे-धीरे जुनून का रूप ले लिया है। इसी जुनून में आकर उन्होंने हवा में मौजूद प्रदूषित कणों को कम करने के लिए एक ऐसी मशीन तैयार की है, जो वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करती है। यह हवा से धूल आदि के कणों को खींचकर एक पानी के टैंक में एकत्र करती है। जब हवा में मौजूद प्रदूषित कण पानी में बैठ जाते हैं तब साफ हवा को वापस वातावरण में छोड़ दिया जाता है।
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भूपेंद्र ने बताया कि मशीन संपीडन विधि पर काम करती है। मशीन को एक बड़े टैंक में पानी भरकर किसी भी जगह इंस्टॉल किया जा सकता है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर मशीन को उक्त जगह ले जाकर ऑपरेट कर सकते हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार का सहयोग मिलता है तो चीन की प्रणाली से बेहतर इस स्वदेशी प्रणाली का विकास होने पर प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इस एंटी स्मॉग गन का दिल्ली, हरियाणा में काफी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा भूपेंद्र ने पेट्रोल-डीजल गैस कंप्रेशर भी बनाया है। इससे इन द्रव्यों को गैस में तब्दील कर विभिन्न तरीके से उपयोग में लाया जा सकता है।
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भूपेंद्र जयपुर एमएनआईटी और हरियाणा जाट यूनिवर्सिटी महेंद्र गढ़ में अपने इस प्रोजेक्ट की प्रजेंटेशन दे चुके हैं। दो अप्रैल को पंतनगर पहुंची स्टार्ट यात्रा के दौरान भी उन्होंने अधिकारियों को अपने अविष्कार से अवगत कराया। वह जल्द ही इसके पेटेंट के लिए आवेदन करने वाले हैं। इसके अलावा भूपेंद्र पेट्रोल डीजल गैस कनवर्टर बनाया है, जिसे विभिन्न तरीके से उपयोग में लाया जा सकता है। वर्तमान में वह जेट बाइक पर काम कर रहे हैं।

मशीन ऐसे करती है काम
मशीन का प्रयोग उन जगहों पर होता है जहां प्रदूषण की मात्रा 70 पीपीएम तक पहुंच जाती है। यहां प्रदूषण खास तौर से गाड़ियों और फैक्ट्रियों में निकलने वाला और जहरीला धुआं है। मशीन में एक वैक्यूम पंप और एक हाई प्रेशर फैन लगा है। इसमें दस से 20 हजार लीटर का एक टैंक होता है। वैक्यूम पंप प्रदूषित वायु को खींचकर पानी भरे टैंक में कंप्रेस करता है। वायु में मौजूद प्रदूषण के कण पानी में घुल जाते है। इसके बाद फैन से हवा को बाहर छोड़ दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कुछ घंटे लग जाते है। वैक्यूम पंप और फैन को चलाने के लिए दोनों प्रणाली का एक साथ कार्य में लाना होता है। साथ ही दोनों का प्रेशर बनाए रखना पड़ता है। तब जाकर इसका सही परिणाम आता है। मशीन को टॉली और ट्रक में भी इंस्टॉल किया जा सकता है।


बेहतर क्यों
भूवेंद्र का दावा है कि यह प्रणाली चीन की एंटी स्मॉग गन से बेहतर है। क्योंकि चीन निर्मित मशीन वातावरण में पानी की बारीक बौछार कर प्रदूषण के कणों को जमीन पर नीचे बैठा देती है, जबकि यह मशीन प्रदूषित हवा को रिसाइकिल करती है। इसमें आप रसायनिक उपयोग के कण अलग-अलग करके उपयोग में ला सकते हैं। मशीन में थोड़ा और संशोधन करके बड़े पैमाने पर गैस लीक से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

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