भारत-चीन विवाद के बीच नीती घाटी के बाड़ाहोती और ग्यालढुंग दर्रे तक शुरू की जाएगी सीमा दर्शन यात्रा
- बदरीनाथ विधायक ने किया चीन सीमा क्षेत्र के गांवों का भ्रमण
- कहा, विकास की मुख्य धारा से जोड़ेंगे नीती घाटी, केंद्र व राज्य सरकार से करेंगे वार्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत-चीन के बीच चल रही तनातनी के बीच बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट चमोली से लगे चीन सीमा क्षेत्र के गांवों के दो दिवसीय भ्रमण पर पहुंचे। विधायक ने कहा कि अन्य सीमा क्षेत्रों की तर्ज पर नीती घाटी के बाड़ाहोती और ग्यालढुंग दर्रे तक सीमा दर्शन यात्रा शुरू कराई जाएगी। इसके लिए वे केंद्र व राज्य सरकार से वार्ता करेंगे।
सीमा क्षेत्रों का दौरा करने के बाद गोपेश्वर में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि नीती घाटी को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। भविष्य में कैलाश मानसरोवर यात्रा नीती घाटी से शुरू कराने, टिम्मरसैंण महादेव (बर्फानी बाबा) को पर्यटन विभाग के सहयोग से यात्रा से जोड़ने, नीती घाटी में सिंचाई नहर के बजाय पाइप लाइन सिंचाई योजना का निर्माण करने और बीएडीपी (बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्लान) के तहत स्थानीय लोगों को ही रोजगार देने को लेकर प्रयास किए जाएंगे।
यह भी पढ़ें: भारत-चीन विवाद: चीन बॉर्डर पर निर्माण कार्यों के लिए रातोंरात पहुंचाए 230 मजदूर
इसके लिए सरकारों से वार्ता कर वृहद योजना तैयार की जाएगी। उरेड़ा विभाग के सहयोग से छोटी-छोटी लघु जल विद्युत परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। विधायक ने कहा कि मलारी तक रोडवेज बस सेवा भी आगामी वर्ष में शुरू कर दी जाएगी।
विधायक के साथ ग्रामीणों ने किया चीन के विरोध में प्रदर्शन
बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने सीमावर्ती क्षेत्र नीती घाटी के ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने विधायक के साथ चीन के विरोध में नारेबाजी कर चाइनीज सामान का विरोध किया।
विधायक ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के लोग सीमा पर तैनात जवानों के साथ खड़े रहते हैं। इस मौके पर जगदीश प्रसाद, लक्ष्मण फरकिया, संदीप नौटियाल, भगवती प्रसाद नंबूरी, राकेश भंडारी, प्रदीप फरस्वाण, दिनेश रावत सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।