भारत-चीन सीमा: तीसरे दिन भी नहीं खुला जोशीमठ-मलारी हाईवे, लोग विस्थापन की मांग पर अड़े
ग्रामीणों का कहना है कि ऋषिगंगा की आपदा से पहले ही उनका गांव खतरे की जद में आ गया था। अब गांव के नीचे से हाईवे के लिए जमीन कटेगी तो मकान धंस सकते हैं।
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भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे के टूटे हिस्से को बनाने का काम तीसरे दिन भी शुरू नहीं हो पाया। प्रशासन लगातार ग्रामीणों से वार्ता कर रहा है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऋषिगंगा की आपदा से पहले ही उनका गांव खतरे की जद में आ गया था। अब गांव के नीचे से हाईवे के लिए जमीन कटेगी तो मकान धंस सकते हैं। इसलिए पहले गांव को विस्थापित किया जाए।
सोमवार सुबह हुई तेज बारिश में रैणी गांव के नीचे हाईवे का करीब 40 मीटर हिस्सा पूरी तरह से टूट गया था। अब यहां पर जमीन काटकर सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए रैणी गांव की जमीन काटनी पड़ रही है।
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साथ ही पंचायत भवन भी इसकी जद में आ रहा है। ग्रामीणों से जमीन देने को लेकर प्रशासन तीन दिन से लगातार बैठक कर रहा है। लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इस संबंध में तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि बातचीत का दौर जारी है।
ग्रामीणों की सहमति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। उधर, बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल का कहना है बीआरओ की पूरी मशीनरी मैन पावर के साथ मौके पर मौजूद है। प्रशासन से अनुमति का इंतजार है। जैसे ही अनुमति मिलती है तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा।
सड़क निर्माण के बाद परिवहन विभाग की संस्तुति जरूरी : डीएम
रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी मनुज गोयल ने सड़क निर्माण से जुड़ी संस्थाओं को सड़क निर्माण में पूरे मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा, आगामी विस चुनाव सहित अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों को देखते हुए सड़कों की परिवहन विभाग से संस्तुति होनी जरूरी है। उन्होंने तहसील स्तर पर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की लंबित जांच 25 जून तक हरहाल में पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा।
डीएम ने बदरीनाथ हाईवे पर नव निर्मित पुल के बाद खाली जगह को लेकर एसडीएम व सीओ को स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए। साथ ही सड़कों के किनारे पैराफिट, क्रैश बैरियर, साइन बोर्ड लगाने के निर्देश देते हुए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की मॉनीटरिंग करने को कहा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मोहित कोठारी ने फरवरी से लेकर अब तक विभागीय स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए विभागीय कार्यों के बारे में जानकारी दी।