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Dehradun News: वैज्ञानिक खेती अपनाकर बढ़ाएं किसानों की आय
Fri, 30 Oct 2026 06:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Fri, 30 Oct 2026 06:25 PM IST
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- आईसीएआर सेलाकुई में मनाया गया पीएम-किसान उत्सव दिवस, 100 से अधिक किसानों ने किया प्रतिभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सेलाकुई। भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईसीएआर-आईआईएसडब्ल्यूसी) के अनुसंधान फार्म सेलाकुई में शुक्रवार को पीएम-किसान उत्सव दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के पादप विज्ञान प्रभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जेएमएस तोमर ने की और सहसपुर की ब्लॉक प्रमुख अर्चना रावत मुख्य अतिथि रहीं। अर्चना रावत ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व से अवगत कराते हुए संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनुपम बड़ ने संस्थान के अनुसंधान और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक खेती के साथ मृदा एवं जल संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीकें अपनाने पर जोर दिया। डॉ. जेएमएस तोमर ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में किसानों की अहम भूमिका है। वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी कर सकते हैं।
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कार्यक्रम का संचालन मुदित मिश्रा ने किया। अनुसंधान फार्म के प्रभारी अधिकारी डॉ. मतबर सिंह ने अतिथियों और किसानों का आभार जताया। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र रमोला भी मौजूद रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सेलाकुई। भाकृअनुप-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (आईसीएआर-आईआईएसडब्ल्यूसी) के अनुसंधान फार्म सेलाकुई में शुक्रवार को पीएम-किसान उत्सव दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में 100 से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक खेती के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के पादप विज्ञान प्रभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जेएमएस तोमर ने की और सहसपुर की ब्लॉक प्रमुख अर्चना रावत मुख्य अतिथि रहीं। अर्चना रावत ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व से अवगत कराते हुए संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनुपम बड़ ने संस्थान के अनुसंधान और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक खेती के साथ मृदा एवं जल संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीकें अपनाने पर जोर दिया। डॉ. जेएमएस तोमर ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में किसानों की अहम भूमिका है। वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी कर सकते हैं।
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कार्यक्रम का संचालन मुदित मिश्रा ने किया। अनुसंधान फार्म के प्रभारी अधिकारी डॉ. मतबर सिंह ने अतिथियों और किसानों का आभार जताया। इस मौके पर क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र रमोला भी मौजूद रहे। संवाद