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फेसबुक इस्तेमाल करते हैं तो हो जाएं सावधान, ये एक मैसेज आपको बना सकता है कंगाल
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 29 Jun 2017 02:06 AM IST
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अगर आप भी मोबाइल पर फेसबुक इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए। फेसबुक से आने वाला एक मैसेज आपको कंगाल बना सकता है।
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आपके करीबी दोस्त या फिर किसी रिश्तेदार की फेसबुक आईडी से आपको आर्थिक मदद का मैसेज आए तो सतर्क हो जाएं। यदि मैसेज आता है तो फोन करके जरूर पड़ताल कर लें।
बगैर जांच-पड़ताल किए पेटीएम नंबर पर पैसे ट्रांसफर करने से आपको चपत लग सकती है। साइबर सेल में इसी तरह से ठगी के मामले पहुंचने पुलिस की नींद उड़ गई है।
साइबर अपराधियों ने अब लोगों के खातों से कैश ट्रांसफर करने के लिए पेटीएम को हथियार बनाया है। साइबर सेल प्रभारी योगेश चंद्र के मुताबिक इस तरह के साइबर अपराधियों का गैंग शहर में सक्रिय है।
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इस गैंग के सदस्य शहर के कई लोगों को अपना शिकार बना चुके है। गैंग के अपराधी फेसबुक आईडी हैक कर रहे हैं। आईडी हैक करने के बाद उससे जुड़े करीबी दोस्तों और रिश्तेदारों को आईडी से मैसेज कर रहे हैं।
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इस समय आता है मैसेज
मैसेज रात 12 बजे से सुबह चार बजे के बीच हो रहे हैं। अपराधी मैसेज में खुद (खातेदार) को किसी मुसीबत में फंसे होने और मोबाइल की बैटरी खत्म होने का बहाना बनाकर आर्थिक मदद मांगते हैं।
बकायदा कैश ट्रांसफर करने के लिए पेटीएम का नंबर भी मैसेज से भेजते हैं। मैसेज प्राप्त करने वाले अपने दोस्त या फिर रिश्तेदार को मुसीबत में फंसा समझकर पेटीएम से कैश ट्रांसफर कर देते हैं।
आधी रात में पेटीएम से कैश ट्रांसफर करने के अलावा दूसरा विकल्प भी नहीं होता है। ऐसे में लोग आसानी से साइबर अपराधियों के जाल में फंस रहे हैं। विवेचक संतोष कुमार बताते हैं कैश ट्रांसफर करने के बाद अगले दिन जब लोग संबंधित दोस्त या फिर रिश्तेदार से जानकारी लेते हैं तो तब पता चलता है कि उनकी तरफ से कोई मैसेज ही नहीं हुआ था।
इस तरह की ठगी के मामलों की जांच करने वाले शैलेश राणा बताते हैं पेटीएम के नंबर फर्जी मिलते हैं। अधिकांश नंबर बिहार और झारखंड की फर्जी आईडी से जारी हैं।
हर माह 50 मामले आ रहे
साइबर क्राइम यूनिट में प्रतिमाह 40 से 50 मामले इस तरह से साइबर ठगी के आ रहे हैं। इसके अलावा पेटीएम से ठगी और एटीएम का क्लोन बनाकर खातों से कैश ट्रांसफर के सर्वाधिक मामले हैं। इन मामलों की विवेचना में पुलिस को अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है।
बकायदा कैश ट्रांसफर करने के लिए पेटीएम का नंबर भी मैसेज से भेजते हैं। मैसेज प्राप्त करने वाले अपने दोस्त या फिर रिश्तेदार को मुसीबत में फंसा समझकर पेटीएम से कैश ट्रांसफर कर देते हैं।
आधी रात में पेटीएम से कैश ट्रांसफर करने के अलावा दूसरा विकल्प भी नहीं होता है। ऐसे में लोग आसानी से साइबर अपराधियों के जाल में फंस रहे हैं। विवेचक संतोष कुमार बताते हैं कैश ट्रांसफर करने के बाद अगले दिन जब लोग संबंधित दोस्त या फिर रिश्तेदार से जानकारी लेते हैं तो तब पता चलता है कि उनकी तरफ से कोई मैसेज ही नहीं हुआ था।
इस तरह की ठगी के मामलों की जांच करने वाले शैलेश राणा बताते हैं पेटीएम के नंबर फर्जी मिलते हैं। अधिकांश नंबर बिहार और झारखंड की फर्जी आईडी से जारी हैं।
हर माह 50 मामले आ रहे
साइबर क्राइम यूनिट में प्रतिमाह 40 से 50 मामले इस तरह से साइबर ठगी के आ रहे हैं। इसके अलावा पेटीएम से ठगी और एटीएम का क्लोन बनाकर खातों से कैश ट्रांसफर के सर्वाधिक मामले हैं। इन मामलों की विवेचना में पुलिस को अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है।