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जिला पंचायत कार्यालय में चल रही खुली लूट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 01 Jun 2014 03:06 PM IST
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देहरादून स्थित जिला पंचायत दफ्तर में खुलेआम अदेयता प्रमाण पत्र में अवैध वसूली की जा रही है।
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उम्मीदवारों से वसूले जा रहे रुपए
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में अदेयता प्रमाण पत्र की फीस 30 रुपए है लेकिन यहां के कर्मचारी खुलेआम उम्मीदवारों से 50 रुपए वसूल रहे हैं।
यह सब अधिकारियों की जानकारी में है, फिर भी वे अनदेखी कर रहे हैं। कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रति प्रमाण पत्र 20 रुपए वसूली से ही अच्छी खासी रकम के वारे-न्यारे हो जाएंगे।
गौरव होटल के तीसरे तल पर जिला पंचायत कार्यालय है। यहां सहसपुर, कालसी, त्यूनी, चकराता, दून सदर समेत सभी तहसीलों के जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों को अदेयता प्रमाण पत्र दिए जा रहे हैं।
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प्रत्येक तहसील के लिए अलग कमरा है। इस संवाददाता के सामने शनिवार दोपहर 2.45 बजे सहसपुर से जिला पंचायत सदस्य की उम्मीदवार प्रीति कश्यप के लिए अदेयता प्रमाण (क्रम संख्या 008) की फीस 50 रुपए ली गई।
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अवैध वसूली की अनदेखी
अदेयता प्रमाण पत्र प्रीति के पति अमर सिंह कश्यप लेने आए थे। उन्होंने बताया कि सभी उम्मीदवारों से अदेयता प्रमाण पत्र के लिए 50 रुपए लिए जा रहे हैं।
यहीं कार्यालय में मौजूद जिला पंचायत सचिव कपूर चंद्र से पूछा तो बोले कि अदेयता प्रमाण पत्र की फीस 30 रुपए ली जा रही है। यह बात कपूर चंद ने उन कर्मचारियों के सामने कही जो 50 रुपए फीस वसूल रहे थे।
शासन-प्रशासन के कई अधिकारियों को इस बात की जानकारी है लेकिन वे अवैध वसूली की अनदेखी कर रहे हैं।
किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकना अपर प्रशासनिक अधिकारी की जिम्मेदारी है। उनका दायित्व तय किया जाएगा। जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- आलोक पांडेय सीडीओ और प्रभारी त्रिस्तरीय जिला पंचायत चुनाव