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वैध की आड़ में धड़ल्ले से अवैध खनन

Sat, 26 Jul 2014 03:51 PM IST
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 26 Jul 2014 03:51 PM IST
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illegal mining in uttarakhand

अवैध खनन से प्रदेश की नदियां कराह रही हैं। माफिया दिन-रात नदियों में खुदाई कर रहे हैं। खास बात यह है कि प्रशासनिक स्तर पर जारी किए गए वैध खनन पट्टे की आड़ में भी अवैध खनन किया जा रहा है।

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उपखनिज भंडारण के परमिट और पट्टे जारी होने के बाद माफिया तय नदियों में खनन के अलावा दूसरी नदियों में भी अवैध खनन कर इसे पट्टे से उठाया गया उप खनिज बताते हैं।
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खास बात यह है कि पट्टे में उल्लेख है कि उपखनिजों का चुगान सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद नहीं किया जा सकता, लेकिन खनन दिन-रात हो रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
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121 को मिले थे पट्टे

प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2013, फरवरी और मार्च 2014 में राज्यभर में कुल 121 लोगों को खनन पट्टे जारी किए हैं। सूत्रों की मानें तो पट्टा जारी करने में भी वन अधिनियम की अनदेखी की गई।

नियमानुसार नेशनल पार्कों और सेंचुरी के 10 किलोमीटर दायरे में खनन नहीं किया जा सकता। लेकिन, ऐसा धड़ल्ले से किया जा रहा है। देहरादून में ही राजाजी नेशनल पार्क की सीमा पर सुसवा नदी से हर रोज सैकड़ों वाहनों में उपखनिज निकाला जा रहा है।

प्रमुख वन संरक्षक ने उठाया सवाल
हाल ही में प्रमुख वन संरक्षक एसएस शर्मा  ने डीएम देहरादून को भेजे पत्र में कहा कि यमुना नदी में विकासनगर, ढकरानी, डाकपत्थर, ढालीपुर और कालसी में कुछ लोगों को खनन लीज के पट्टे दिए हैं।

ये सभी पट्टे वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के दायरे में आते हैं। खनन से पहले पट्टाधारकों को नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड से अनुमति लेना जरूरी है। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। कुछ यही स्थिति हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और अल्मोड़ा में है।


इन नदियों में अवैध खनन

यमुना, सौंग, टोंस, शीतला, आसन, रिस्पना, सुसवा, चंद्रभागा आदि

उपखनिज है नहीं, पट्टे क्यों

विभागीय सूत्रों की मानें तो जिन नदियों में खनन के पट्टे जारी किए गए हैं, उनमें अभी पांच फीसदी भी उपखनिज मौजूद नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी भी इस तथ्य से वाकिफ हैं। इसके बावजूद पट्टे दे दिए गए। सूत्र कहते हैं कि अफसरों की मिलीभगत से अवैध खनन को वैध बनाने के लिए ये पट्टे दिए गए।

(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-bsbora@ddn.amarujala.com और इस नंबर- 9675202099 पर संपर्क कर सकते हैं।)

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