IIT रुड़की का छात्र लापता, कमरे में मिला सुसाइड नोट
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आईआईटी रुड़की में बीटेक फाइनल का एक छात्र गोविंद भवन छात्रावास से लापता हो गया। उसके कमरे से सुसाइड नोट मिलने पर आईआईटी के चीफ वॉर्डन की ओर से कोतवाली सिविल लाइंस में छात्र की गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
लापता छात्र अशोक मीणा दिल्ली के हौजखास थाना प्रभारी राम कुमार मीणा का पुत्र है। छात्र की तलाश में जुटी पुलिस को उसके मोबाइल की लास्ट लोकेशन रुड़की शहर में मिली है। वहीं आईआईटी गेट के बाहर एक होटल के सीसीटीवी फुटेज में भी छात्र नजर आ रहा है।
आईआईटी रुड़की में इलेक्ट्रानिक एंड कम्यूनिकेशन में फाइनल ईयर का छात्र अशोक कुमार मीणा को तीन साल से गोविंद भवन छात्रावास में कमरा मिला हुआ है। रविवार की सुबह अशोक अचानक लापता हो गया। छात्रावास प्रबंधन ने उसके कमरे का ताला तोड़ा तो सुसाइड नोट बरामद हुआ।
जिसमें छात्र ने लिखा था कि ‘दुनिया के लिए मैं फिट नहीं हूं, इसलिए जा रहा हूं’। नोट मिलने पर मामला पेचीदा हो गया। चीफ वार्डन एचएस उपाध्याय ने कोतवाली सिविल लाइंस पहुंचकर पुलिस को पूरी जानकारी दी।
आईआईटी से बेटा लापता होने की सूचना पर दिल्ली हौजखास थाना प्रभारी रामकुमार मीणा भी आनन फानन में रुड़की पहुंचे और एसएसपी स्वीटी अग्रवाल, एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल से मुलाकात की। सोमवार देर शाम तक मोबाइल लोकेशन तलाशने में जुटी पुलिस को पता चला है कि सोमवार की सुबह 11 बजे तक भी अशोक रुड़की में था।
आईआईटी गेट के बाहर एक होटल के सीसीटीवी फुटेज में भी अशोक सड़क किनारे खड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने छात्रावास में रहने वाले छात्र-छात्राओं से भी पूछताछ की। देर रात तक पुलिस छात्र की खोजबीन में जुटी हुई थी।
सुसाइड नोट से उठे सवाल
आईआईटी रुड़की से लापता हुआ छात्र पढ़ाई में होनहार रहा है। इंटरमीडिएट परीक्षा में अशोक ने 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। कमरे से मिले सुसाइड नोट से तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि आईआईटी में पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि छात्र एक बार पहले भी प्रस्तुतीकरण (प्रजेंटेशन) से पहले हॉस्टल से चला गया था। बुधवार को छात्र का एक और विषय का प्रजेंटेशन होना है। माना जा रहा है कि पढ़ाई के दबाव में डिप्रेशन के कारण छात्र लापता हुआ है। समझा जा रहा है कि शायद कोई विषय अशोक को पसंद न हो। जिस कारण वह दबाव में आया हो।
कहीं हरिद्वार तो नहीं गया अशोक
छात्रावास में अपने कमरे से अशोक कपड़े आदि जरूरत का सामान साथ लेकर गया है। स्लीपर भी रूम में नहीं मिले हैं। वहीं एक होटल के सीसीटीवी फुटेज में अशोक हरिद्वार जाने वाले वाहनों की तरफ चेहरा करके खड़ा है। जिससे यह लग रहा है कि शायद अशोक हरिद्वार की किसी बस का इंतजार कर रहा है। पुलिस की एक टीम उसे ढूंढने के लिए हरिद्वार भी गई है।
अशोक को मिला है सिंगल रूम
आईआईटी के गोविंद छात्रावास के हर कमरे में दो-दो छात्र साथ रहते हैं। लेकिन, अशोक मीणा को सिंगल रूम दिया गया था। जिससे उसकी पढ़ाई में कोई व्यवधान न पहुंचे।
अशोक के लापता होने पर इसका दूसरा पहलु यह सामने आया कि किसी तरह की परेशानी को वह अपने साथी से साझा नहीं कर पाया। पूछताछ में ज्यादातर छात्रों ने यह कहा कि अशोक अपने रूम में अकेला रहता था, उसने कभी अपने कोई प्रॉब्लम किसी को नहीं बताई।