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गर्भवती को कुर्सी पर बैठाकर 17 किलोमीटर लांघे पहाड़, तब मिला अस्पताल

Thu, 27 Jul 2017 11:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल 
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल  Updated Thu, 27 Jul 2017 11:13 PM IST
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husband struggle for his pregnant wife for hospitalized

इसे बदनसीबी ही कहेंगे क‌ि गर्भवती पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए पत‌ि को उसे कुर्सी पर बांधकर 17 क‌िलोमीटर तक पहाड़ लांघने पड़े। तब जाकर अस्पताल म‌िला। 

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सुदूरवर्ती ओखलकांडा ब्लाक में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। विकासखंड के कुकना ग्रामसभा निवासी एक गर्भवती को इलाज उपलब्ध कराने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को 17 किलोमीटर की यात्रा पैदल ही तय करनी पड़ी।
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इस दौरान बीमार गर्भवती महिला को कुर्सी पर बैठाकर गांव से रोड हेड तक पहुंचाया गया और उसके बाद पड़ोस के चंपावत जिले के सीएचसी में महिला को इलाज नसीब हुआ। अस्पताल में गर्भवती ने बेटी को जन्म दिया।
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 कुकना गांव निवासी प्रकाश सिंह की पत्नी दीपा देवी (26) गर्भवती थी। बृहस्पतिवार सुबह दीपा देवी को प्रसव पीड़ा उठी, लेकिन गांव में दूर-दूर तक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
 

लिहाजा परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से दीपा देवी को इलाज के लिए पड़ोस के चंपावत जिले के पाटी ब्लाक में स्थित सीएचसी में ले जाने का फैसला किया। ग्राम प्रधान मदन सिंह नौलिया ने बताया कि गर्भवती दीपा देवी को बृहस्पतिवार सुबह कुर्सी पर बैठाकर लगभग 17 किलोमीटर दूर पैदल ढोलीगांव ले जाया गया।

गांव के कई लोग हैं बीमार

husband struggle for his pregnant wife for hospitalized

परिजनों और ग्रामीणों को उक्त दूरी तय करने में लगभग चार घंटे लग गए। ढोलीगांव से प्रसव पीड़ा से छटपटा रही दीपा देवी को 108 एंबुलेंस की मदद से चंपावत जिले के पाटी ब्लाक में स्थित सीएचसी ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां उसकी नार्मल डिलीवरी हुई और बेटी ने जन्म लिया।

गांव के कई लोग हैं बीमार
ग्राम प्रधान नौलिया ने बताया कि कुकना गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग को लेकर वह जिला प्रशासन के अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन भेज चुके हैं लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

तीन दिन पहले ही उन्होंने सीएमओ को फोन कर गांव में कई लोगों के बीमार होने की सूचना देते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की थी। लेकिन आज तक स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव में नहीं पहुंची है।

बता दें कि अभी हाल ही में भीमताल ब्लाक के मलुवाताल ग्रामसभा निवासी एक गर्भवती महिला को भी चारपाई पर बांधकर पांच किलोमीटर पैदल चलने के बाद हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया गया था लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला के गर्भ में पल रहे शिशु ने दम तोड़ दिया था।

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