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हरिद्वार जेल में 77 कैदी एक साथ भूख हड़ताल पर, हड़कंप

Tue, 06 Sep 2016 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 06 Sep 2016 09:52 AM IST
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hunger strike in haridwar jail.
Jail

14 वर्ष की सजा पूरी कर चुके 57 कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर जिला जेल में बंद 84 कैदियों ने सोमवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी। हालांकि देर शाम इनमें से सात कैदियों ने खाना खाकर भूख हड़ताल तोड़ दी। इनमें से चार को एहतियात के तौर पर जेल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन कैदियों को सीधे हड़ताली कैदियों से अलग उनकी सामान्य बैरक में भेज दिया गया है।

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आगरा और बरेली जेलों में पिछले कई दिन से कैदी भूख हड़ताल पर हैं। उनकी मांग है कि 14 वर्ष की सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहा कर दिया जाए। यूपी की ही तर्ज पर हरिद्वार की जिला जेल में रविवार को एक गुमनाम पत्र जेलर शिवमूरत सिंह को मिला था।
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उस पत्र में रिहाई न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। रविवार को सभी कैदियों ने खाना खाया, लेकिन सोमवार सुबह जेल खुलते ही कैदियों की ओर से भूख हड़ताल के प्रार्थना पत्र आने लगे।

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जेलर को मिले भूख हड़ताल के 90 पत्र

hunger strike in haridwar jail.
Jail

दोपहर के खाने से पहले कुल 90 पत्र जेल अधीक्षक एसके सुखीजा को मिले। इनमें से छह कैदियों ने कुछ ही देर में अपने पत्र वापस लेकर भूख हड़ताल से किनारा कर लिया। लेकिन 84 कैदियों ने दोपहर का खाना नहीं खाया। जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए कैदियों से बातचीत की।

इसके बाद सात कैदियों ने देर शाम खाना खाकर भूख हड़ताल तोड़ दी। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार हड़ताली कैदियों को नोटिस दे दिए गए हैं। आईजी जेल पीवीके प्रसाद को भी मामले की रिपोर्ट भेज दी गई है। 

मुलाकात पर लगाई रोक
भूख हड़ताल में शामिल कैदियों की अब अपने नाते-रिश्तेदारों से मुलाकात नहीं हो पाएगी। रोजाना उनका मेडिकल परीक्षण भी होगा। यदि किसी कैदी की तबियत खराब होती है तो उसे जेल के ही अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है।

कैदी नहीं कर सकते भूख हड़ताल, हो सकती है सजा

hunger strike in haridwar jail.
जेल में हड़तान पर प्रतिबंध है। - फोटो : demo pics

जेल मैनुअल की धारा-52 के अनुसार कोई कैदी भूख हड़ताल नहीं कर सकता। यदि वह ऐसा करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। इस धारा के अंतर्गत एक साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता के तहत भी मुकदमा दर्ज हो सकता है। 

हड़ताल से कुछ कैदियों ने किया किनारा
इस समय जेल में 14 साल की सजा पूरी कर चुके 57 कैदी हैं। सजा पूरी कर चुके कुछ कैदी भूख हड़ताल में शामिल नहीं हुए है। इनमें कुछ कैदी ऐसे भी हैं जो कुछ ही वर्ष की सजा पूरी कर चुके हैं। 

एक साथ रहेंगे हड़ताली कैदी
जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने बताया कि कैदियों से भूख हड़ताल तोड़ने के लिए बातचीत की जा रही रहे हैं। सभी हड़ताली कैदियों को एक साथ रखा गया है। इनमें कोई खूंखार कैदी नहीं है।

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