बदरीनाथ हाईवे की खातिर आमरण अनशन
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बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के सुधारीकरण की मांग को लेकर व्यापारियों, सातु-संतों और स्थानीय लोगों का आंदोलन तेज हो गया है। 28 अगस्त से धाम में चल रहा क्रमिक अनशन शनिवार को आमरण अनशन में तब्दील हो गया।
बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद सुबह दस बजे आपदा संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद नवनी और स्थानीय पंडित शंभू प्रसाद पांडे ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। आंदोलन के समर्थन में पांडुकेश्वर, लामबगड़, पड़गासी, अरूड़ी, पटूड़ी और हनुमान चट्टी से सैकड़ों लोग धाम में अनशन स्थल पर पहुंचे।
धाम में शनिवार सुबह नौ बजे आपदा संघर्ष समिति के आह्वान पर व्यापारियों, तीर्थपुरोहित, साधु-संत, माणा और बामणी गांवों के लोगों ने विजयलक्ष्मी चौक से आंदोलनस्थल तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद दोनों लोगों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया।
अनशन स्थल पर हुई सभा में आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा यदि हाईवे के सुधारीकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं की तो आगामी अक्तूबर माह में बदरीनाथ के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।
समिति के प्रवक्ता विकास जुगरान ने कहा कि शासन-प्रशासन आंदोलन की ओर मुंह फेरे हुए है। इस मौके पर डा. जमुना प्रसाद रैवानी, गुणानंद कोटियाल, अरविंद शर्मा, राजेश मेहता, प्रदीप कोटियाल, विपुल डिमरी, अमित त्रिपाठी, राहुल मेहता, आशीष मेहता और वीरेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
धाम में सफाई अभियान चलाकर बाइकर्स रैली लौटी
सात सितंबर को अंबाला से पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन के लिए निकली मोटर साइकिल रैली शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंची और धाम में साफ-सफाई कर वापस लौट गई। 76 मोटरसाइकिलों पर 180 पर्यावरण प्रेमी बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। शनिवार को पीपलकोटी में पर्यावरण प्रेमियों का लोगों और व्यापारियों ने स्वागत किया।
रैली का नेतृत्व कर रहे राकेश मोहन शर्मा ने बताया कि वे पिछले 24 वर्षों से अंबाला से श्री बदरीनाथ धाम तक गीता गोपाल पर्यावरण एवं कन्या भ्रूण रक्षार्थ लोक जागृति अभियान चलाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा मानव जीवन की रक्षा के बराबर है।
पीपलकोटी व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष सज्जन लाल शाह का कहना है कि आपदा की परवाह किए बिना बाइकर्स रैली बदरीनाथ धाम पहुंची। रैली देश-दुनिया के लिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है।
निशंक ने उठाई आत्मानंद की सुरक्षा की मांग
पूर्व सीएम और हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि बदरीनाथ हाईवे के सुधारीकरण की मांग पर बदरीनाथ में संत आत्मानंद जल समाधि लेने का निर्णय ले चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर बेखबर है। उन्होंने कहा कि सरकार को संत आत्मानंद की सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। उन्होंने कहा कि वे अतिशीघ्र बदरीनाथ में आंदोलनकारियों के बीच जाएंगे और इस संबंध में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री से बात करेंगे।