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सैंकड़ों शिक्षकों को प्रिंसिपल बनने का इंतजार
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देहरादून। सैंकड़ों शिक्षकों को प्रिंसिपल बनने का इंतजार है। वे आवेदन कर चुके हैं। रोजाना बुलावे का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सिस्टम है कि आगे बढ़ता ही नहीं है। हम बात कर रहे हैं शहर के डीएवी, डीबीएस और एमकेपी पीजी कॉलेज की। यहां परमानेंट प्रिंसिपल के पद खाली पड़े हैं। अब सरकार ने इन कॉलेजों के मैनेजमेंट पर सख्ती करने की योजना बनाई है।
डीएवी कॉलेज में गत वर्ष डॉ. देवेंद्र भसीन का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद कॉलेज मैनेजमेंट ने नए परमानेंट प्रिंसिपल की भर्ती के लिए आवेदन मांगे। करीब 100 लोगों ने इसके लिए आवेदन भी कर दिया, लेकिन अभी तक किसी को भी इंटरव्यू के लिए बुलावा नहीं आया है। 100 से ज्यादा शिक्षक इंटरव्यू का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, डीबीएस पीजी कॉलेज में भी प्रिंसिपल की कुर्सी डॉ. ओपी कुलश्रेष्ठ के रिटायर होने के बाद गत वर्ष से खाली है। इस कुर्सी के लिए भी मैनेजमेंट ने आवेदन मांगे थे। इसके बाद से यहां की भी पूरी प्रक्रिया लटकी हुई है। यहां भी करीब 50 शिक्षकों ने प्रिंसिपल पद के लिए आवेदन किए हैं। एमकेपी पीजी कॉलेज में भी परमानेंट प्रिंसिपल की कुर्सी खाली पड़ी हुई है।
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हम जल्द ही सभी अशासकीय महाविद्यालयों के मैनेजमेंट को पत्र भेजेंगे। इसमें हम तुरंत स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति के लिए कहेंगे, ताकि छात्रों की एजुकेशन पर इसका असर न पड़े।
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-डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री
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डीएवी कॉलेज में गत वर्ष डॉ. देवेंद्र भसीन का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद कॉलेज मैनेजमेंट ने नए परमानेंट प्रिंसिपल की भर्ती के लिए आवेदन मांगे। करीब 100 लोगों ने इसके लिए आवेदन भी कर दिया, लेकिन अभी तक किसी को भी इंटरव्यू के लिए बुलावा नहीं आया है। 100 से ज्यादा शिक्षक इंटरव्यू का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, डीबीएस पीजी कॉलेज में भी प्रिंसिपल की कुर्सी डॉ. ओपी कुलश्रेष्ठ के रिटायर होने के बाद गत वर्ष से खाली है। इस कुर्सी के लिए भी मैनेजमेंट ने आवेदन मांगे थे। इसके बाद से यहां की भी पूरी प्रक्रिया लटकी हुई है। यहां भी करीब 50 शिक्षकों ने प्रिंसिपल पद के लिए आवेदन किए हैं। एमकेपी पीजी कॉलेज में भी परमानेंट प्रिंसिपल की कुर्सी खाली पड़ी हुई है।
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हम जल्द ही सभी अशासकीय महाविद्यालयों के मैनेजमेंट को पत्र भेजेंगे। इसमें हम तुरंत स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति के लिए कहेंगे, ताकि छात्रों की एजुकेशन पर इसका असर न पड़े।
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-डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री