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फिर नारी निकेतन से जुड़ा मानव तस्करी का मामला
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 21 Feb 2016 11:40 AM IST
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रुड़की पुलिस के छापे में छह महीने पहले म्यांमार और बांग्लादेश की जो युवतियां पकड़कर देहरादून नारी निकेतन भेजी गईं थीं, उनसे पूछताछ से एक और चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ है।
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उन्हें यहां लाने वाले व्यक्ति और वर्ष 2013 में महाराष्ट्र के मुंबई, थाणे और पुणे में पकड़ी गईं युवतियों को मानव तस्करी के जरिए लाने वाले व्यक्ति का नाम एक ही है।
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इन महिलाओं को भी मानव तस्कर बांग्लादेश से यहां लाए थे। अब यह जांच की जा रही है कि रुड़की और पुणे-मुंबई मानव तस्करी करवाने वाला दलाल एक है या फिर एक नाम के दो व्यक्ति हैं।
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नारी निकेतन प्रबंधन अगर पहले चेता होता तो मानव तस्करी जैसे संगीन जुर्म के मकड़जाल का कोई सिरा अब तक शायद हाथ लग गया होता। अमर उजाला के मूक-बधिर संवासिनी के बलात्कार का मामला उठाने के बाद चेते प्रबंधन के प्रयासों से अब संगीन जुर्मों की निशानदेही होने लगी है।
अब जरूरत है, मामले की तह तक की। मानव तस्करों का यह जाल देश के कई प्रांतों में फैला हुआ है। नारी निकेतन में रह रहीं युवतियों ने यह भी बताया है कि नेपाल बार्डर से उत्तराखंड में दाखिल कराने वाला दलाल पांच हजार रुपये प्रति ट्रिप लेता है। युवतियों ने यह भी खुलासा किया कि यह शख्स सिर्फ पैसे लेकर बार्डर पार कराता है, तस्करी के धंधे में लिप्त नहीं है।
इसके बाद मानव तस्करों के दलाल लाई गईं युवतियों के गुट बनाकर अलग-अलग प्रांतों में ले जाते हैं। इन्हें अलग-अलग स्थानों पर पहुंचा दिया जाता है। शासन स्तर से यह भी जांच कराई जा रही है कि रुड़की में जब ये युवतियां मिली थीं तो किन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके गिरफ्तारी की गई थी।