फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   House Roof Collapse on 20 people due to rainfall in champawat

बारिश में भरभराकर गिरी दो मंजिला मकान की छत, अंत्येष्टि में गई पांच महिलाएं हुईं घायल

Tue, 28 Jan 2020 08:00 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 28 Jan 2020 08:00 PM IST
विज्ञापन
House Roof Collapse on 20 people due to rainfall in champawat
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के चंपावत में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। नरसिंह डांडा गांव में पुराने दो मंजिले मकान का पाल (मिट्टी का फर्श) भरभराकर गिर गया। इससे पांच महिलाएं चोटिल हो गईं जिन्हें यहां जिला अस्पताल में लाया गया।

विज्ञापन


सभी की हालत खतरे से बाहर है। ये महिलाएं गांव में एक बुजुर्ग की मौत पर शोक जताने गईं थीं। जानकारी के मुताबिक नरसिंह डांडा में अकेले रहने वाले छत्तर राम (75) की सोमवार रात मौत हो गई।
विज्ञापन


सूचना मिलने पर गांव के लोग मंगलवार को नरसिंह डांडा पहुंचे। इस बीच, तेज बारिश होने पर गांव के लोग इस पुराने मकान के दो मंजिले में चले गए। 30 से अधिक लोगों की भीड़ के चलते दोमंजिले का पाल (मिट्टी का फर्श) भरभराकर गिर गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश और ठंड से ठिठुरे लोग 

 इससे पांच महिलाएं चोटिल हो गईं। घायलों में पिरोजी देवी (50) पति गणेश राम, देवकी देवी (49) पति नाथ राम, गोमती देवी (51) पति प्रेम राम, मीना देवी (40) पति मनोहर लाल और हरू देवी (52) पति जगदीश राम शामिल हैं।

इन सभी घायल महिलाओं को निजी वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुकेश ने बताया कि सभी की हालत खतरे से बाहर है। अलबत्ता अभी देखरेख के लिए उन्हें अस्पताल में ही रखा गया है। 

मंगलवार सुबह बादल के बाद शुरू हुई बारिश दिनभर चलती रही। बारिश से जन-जीवन अस्तव्यस्त रहा। वहीं इससे ठंड में भी इजाफा हुआ। ठंड से बचने के लिए लोग गरम कपड़ों के अलावा आग का सहारा लेते रहे। चंपावत सहित पहाड़ के सभी हिस्सों में 3 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं चंपावत में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सल्सियस और अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा।

80 छात्राओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली हुई अनियंत्रित, 30 छात्राएं घायल

खटीमा में शैक्षिक भ्रमण से लौट रही छात्राओं से भरी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली मंगलवार को शारदा नहर के किनारे कच्चे मार्ग पर असंतुलित हो गई, जिससे ट्रॉली में सवार 80 छात्राएं असंतुलित होकर एक दूसरे के ऊपर गिर गईं। इससे करीब 30 छात्राएं घायल हो गईं। हादसे की सूचना पर स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने खटीमा और टनकपुर की 108 एंबुलेंसों से छात्राओं को नागरिक चिकित्सालय में भर्ती कराया। एसडीएम निर्मला बिष्ट और एसएसआई देवेंद्र गौरव ने अस्पताल में छात्राओं का हालचाल जाना। वहीं विधायक पुष्कर सिंह धामी ने भी छात्राओं की मदद की बात कही।

बालिका आश्रम पद्धति स्कूल अमाऊं की छठी, सातवीं और 8वीं की छात्राएं ट्रैक्टर-ट्रॉली में प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र आर्य, अवधेश कुमार, कमलेश यादव, वार्डन दीपा, पूजा, अमरजीत सिंह और आकाश की देखरेख में लोहियाहेड पावर हाउस देखने गईं थीं। लौटते समय कच्चे मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली असंतुलित हो गई और उसमें सवार 80 छात्राएं एक दूसरे के ऊपर गिर गईं और वहां चीखपुकार मच गई।

लालकोठी में तैनात एसएसबी जवानों और आसपास के लोगों ने छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सूचना पर 108 एंबुलेंसों और एसएसबी के जवानों और स्थानीय लोगों ने अपने वाहनों से छात्राओं नागरिक चिकित्सालय में भर्ती कराया। चिकित्सक केसी पंत, डॉ. वीपी सिंह, फार्मासिस्ट नवल किशोर गोस्वामी ने उपचार किया। डॉ. पंत ने बताया कि छात्राओं की स्थिति सामान्य है। हादसे से छात्राएं घबरा गईं हैं। सूचना पर छात्राओं के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। 

कांग्रेस प्रदेश महामंत्री भुवन कापड़ी और भाजपा नेता मोहनी पोखरिया ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल छात्राओं का हालचाल जाना। मोहनी पोखरिया का कहना है कि अवैध खनन की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को आवाजाही की छूट देने वाली पुलिस ने छात्राओं को सीधे रास्ते से क्यों नहीं आने दिया।

ये छात्राएं हुईं घायल
बबली, कामना, आंचल, रोशनी, चांदनी, गायत्री, लवली, स्नेहा, कविता, सलोनी, नेहा, कीर्तिका, सुविता, शालिनी, हर्षिता, माही, कंचन, गायत्री, वैष्णवी, रेनू, मीनाक्षी, जानवी, आरती, स्नेहा राना, अनुशिका, रुचल, स्नेहा, योचना, प्रेमा, शिवानी।

शैक्षिक भ्रमण में विद्यालय की 100 छात्राएं गईं, जिनमें से 80 छात्राएं ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठी थीं। वापस लौटते समय लोहियाहेड में पुलिस चौकी पर मौजूद कर्मियों ने ओवरलोड छात्राओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को मेन रोड से नहीं जाने दिया। इस पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को कच्चे मार्ग से लाते समय हादसा हो गया।
- दिनेश चंद्र आर्य, प्रधानाचार्य
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed