Dehradun News: नर्सरी आवंटन में गड़बड़ी पर उद्यान निदेशक निलंबित, मानकों के विपरीत पहुंचाया किसानों को लाभ
एक्ट में प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति या फर्म नर्सरी लाइसेंस के लिए आवेदन करता है तो विभागीय टीम चयनित भूमि का निरीक्षण और सत्यापन करेगी। लेकिन लाइसेंस जारी करने में इनका पालन नहीं किया गया। एक गांव के आठ किसानों को मानकों के विपरीत लाभ पहुंचाया गया। इन आरोपों की जांच के बाद सरकार ने उद्यान निदेशक को निलंबित किया है।
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उत्तरकाशी जिले में नर्सरी लाइसेंस जारी करने और फल पौध आवंटन में गड़बड़ी पर उद्यान निदेशक डॉ. एचसी बवेजा को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ उन्हें गढ़वाल आयुक्त कार्यालय पौड़ी से संबद्ध कर दिया गया है। इस संबंध में सचिव उद्यान दीपेंद्र कुमार चौधरी ने आदेश जारी किए हैं।निदेशक डॉ. बवेजा पर आरोप थे कि उत्तराखंड नर्सरी एक्ट के नियमों को ताक पर रखकर अनिका ट्रेडर्स को उत्तरकाशी में 0.50 हेक्टेयर भूमि पर नर्सरी का लाइसेंस जारी किया गया।
05 जनवरी 2023 को लाइसेंस देने के कुछ दिनों बाद ही कंपनी को फल पौध आवंटन करने के आदेश भी दिए गए। जबकि एक्ट में प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति या फर्म नर्सरी लाइसेंस के लिए आवेदन करता है तो विभागीय टीम चयनित भूमि का निरीक्षण और सत्यापन करेगी। लेकिन लाइसेंस जारी करने में इनका पालन नहीं किया गया।
साथ ही लाइसेंस जारी करने के कुछ दिन बाद नर्सरी में पौध तैयार होना संभव नहीं है। कंपनी के पास पर्याप्त फल पौध न होने के बावजूद किसानों को पौधे उपलब्ध कराने का काम दिया गया। कंपनी के पास उत्तरकाशी की नर्सरी में सेब व अन्य फलदार पौध नहीं होने पर जम्मू कश्मीर व हिमाचल से खरीद कर किसानों को महंगे दाम पर उपलब्ध कराए जाते थे। साथ ही एक गांव के आठ किसानों को मानकों के विपरीत लाभ पहुंचाया गया। इन आरोपों की जांच के बाद सरकार ने उद्यान निदेशक को निलंबित किया है।
हिमाचल से प्रतिनियुक्ति लेकर उद्यान निदेशक बने थे बवेजा
डॉ. एचसी बवेजा हिमाचल प्रदेश में औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी और उद्यान विभाग में सेवाएं दे चुके हैं। हिमाचल से प्रतिनियुक्ति लेकर फरवरी 2021 में उनकी नियुक्ति उद्यान निदेशक पद पर हुई थी।
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किसानों को महंगा हल्दी व अदरक बीज देने के भी आरोप
आरटीआई कार्यकर्ता दीपक करगेती ने भी किसानों को हल्दी व अदरक का बीज महंगे दाम पर देने के आरोप लगाए थे। उन्होंने सरकार व शासन को भी इसकी लिखित शिकायत दी थी। साथ ही प्रदेश में शहद, फल सब्जी, सेब महोत्सव के आयोजन पर विभिन्न योजनाओं से करोड़ों खर्च करने का आरोप लगाए थे।