होमगार्ड का दावा, पुलिस नहीं मैने दबोचा फरार कैदी
हरिद्वार में पुलिस कस्टडी से भागे सजायाफ्ता कैदी संजय को किसने पकड़ा, इस पर पेंच फंस गया है। और यह तब हुआ जब होमगार्ड के जवान रुमाल सिंह ने सामने आकर कैदी संजय को पकड़े जाने का दावा किया। होमगार्ड का आरोप है कि पूरा श्रेय पुलिसकर्मी ही लूट ले गए जबकि कैदी को उसने ही पकड़ा था। होमगार्ड श्रेय न मिलने से आहत है।
चार सितंबर को जिला अस्पताल से दवा लेकर लौटते वक्त कैदी संजय ब्रह्मपुरी क्षेत्र से ऑटो रिक्शा से कूदकर फरार होने में कामयाब रहा था।
एक घंटे के अंदर ही जगजीतपुर पुलिस चौकी पर चेकिंग के दौरान मेटाडोर से पकड़ लिया था। पुलिसकर्मी संदीप काम्बोज, सुनील राणा एवं प्रदीप कुमार ने कैदी को दबोचने का दावा किया था।
कैसे पकड़ा था संजय को, बताई कहानी
एसएसपी स्वीटी अग्रवाल पुलिसकर्मियों को ढाई हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। बुधवार को होमगार्ड रुमाल सिंह ने मीडिया के समक्ष प्रकट होकर कैदी को पकड़ने की बात कही है।
दावा किया कि मेटाडोर में चेकिंग के दौरान उसने आगे बैठे कैदी से जब उसका नाम पूछा तब उसने अपना नाम शमीम निवासी दिल्ली बताया। लेकिन हाथ पर संजय गुदा होने के कारण वो पकड़ा गया। होमगार्ड का आरोप है कि कैदी को दबोचने का झूठा श्रेय पुलिसकर्मियों ने लिया है जबकि असली हकदार वह और पीआरडी जवान सुरेश है।
होमगार्ड ने कहा कि होमगार्ड कमांडेंट को पत्र भेजकर पूरे घटना की जानकारी दे दी गई है। नगर पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि वह इस मामले को संज्ञान लेंगे।