शराब बोतलों के होलोग्राम चार गुना दाम पर खरीदेगी उत्तराखंड सरकार
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शराब की बोतलों पर लगने वाले होलोग्राम अब चार गुना कीमत पर खरीदे जाएंगे। नए टेंडर के हिसाब से मौजूदा मूल्य सात पैसे के बजाए 28 पैसे प्रति होलोग्राम का मूल्य पास कर दिया गया है। यूफ्लेक्स कंपनी के पक्ष में टेंडर आवंटित कर दिया गया है। लंबे अरसे से विवादों में रहे इस मुद्दे को लेकर बुधवार को आदेश जारी हो गए हैं।
इस आदेश को बेहद गोपनीय रखा गया है। अफसरों का कहना है कि टेंडर में यही न्यूनतम मूल्य कोट किया गया है, इसलिए इस रेट को स्वीकार करने के सिवा कोई चारा नहीं था।
गौरतलब है कि कुछ ऐसे ही मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व आबकारी आयुक्त महेश गुप्ता के खिलाफ जांच चल रही है। साथ ही सीबीआई जांच कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका भी दायर है। साथ ही टेंडर प्रक्रिया को लेकर न्यायिक जांच भी चल रही है। दोनों प्रदेशों में हुई इस कवायद में टेंडर की प्रक्रिया, मूल्य के अलावा वह कंपनी भी एक ही है, जिसे लेकर अंगुलियां उठी थीं।
एक कंपनी को फायदा दिलाने के लिए हुआ पूरा खेल
होलोग्राम के मानकों को परिवर्तित करने का प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में आबकारी विभाग ने पेश किया था। इसके तहत शराब और बीयर की बोतलों पर लगने वाले होलोग्राम में तमाम नए सिक्योरिटी फीचर डालने की बात तय हुई। इसके लिए टेंडर किया गया तो एक कंपनी ने मौजूदा सात पैसे प्रति होलोग्राम के बजाए 28 पैसे का रेट कोट किया।
सूत्रों की मानें तो इस टेंडर के लिए तमाम ऐसे स्पेसिफिकेशन किए गए, जिससे एक कंपनी विशेष को छोड़कर अन्य खिलाड़ी बाहर हो जाएं। ऐसी तमाम गोपनीय सूचनाओं के आधार पर तत्कालीन प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी के वक्त टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद एक-एक करके चार बार विभिन्न कारणों से टेंडर निरस्त हुए।
इधर, बीते वर्ष अक्तूबर में टेंडर आमंत्रण की प्रक्रिया दोबारा आरंभ की गई। नियमानुसार टेंडर कमेटी के चेयरमैन के हस्ताक्षर से टेंडर खोले जाते हैं, मगर 18 जनवरी को जब होलोग्राम के टेंडर खोले गए तो चेयरमैन और आबकारी आयुक्त बीके संत छुट्टी पर थे। अपर मुख्य सचिव रणवीर सिंह ने आबकारी मुख्यालय जाकर टेंडर खुलवाने की प्रक्रिया संपन्न की।
गोपनीय तरीके से जारी किए गए आदेश
चार गुना मूल्य पास किए जाने को लेकर पूर्व में काफी विवाद भी खड़े हुए थे, जिसके चलते इस बाबत आदेश नहीं जारी किए गए। इधर, बुधवार को शासन की रिक्मेंडेशन पर मुख्यमंत्री ने आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसे आयुक्त के स्तर से जारी कर दिया गया है। सूत्रों की मानें तो पूर्व में हुए बवाल को देखते हुए इस आदेश को सर्कुलेट करने से रोका गया है।
आदेश जारी कर दिया गया है। इस मूल्य से नीचे रेट कोई कंपनी कोट नहीं कर रही थी, इसलिए 28 पैसे के मूल्य को स्वीकार करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं था। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। किसी हेरफेर की आशंका निराधार है।
- रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव