विज्ञापन
विज्ञापन

हिमालयन कॉन्क्लेवः केंद्रीय पोषित कृषि योजनाओं में ज्यादा छूट देने की होगी वकालत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 28 Jul 2019 10:14 AM IST
फाइल फोटो
फाइल फोटो - फोटो : PTI
ख़बर सुनें
पर्वतीय क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फसलों की उत्पादकता बढ़ाना किसानों के लिए बहुत बड़ी चुनौती है। जिससे देश के 11 हिमालयी राज्यों को पहाड़ों के हिसाब से अलग कृषि नीति की दरकार है। आज मसूरी में होने वाली हिमालयी राज्यों की बैठक में कृषि नीति का मुद्दा उठेगा। हिमालयी राज्य केंद्रीय पोषित कृषि योजनाओं में किसानों को ज्यादा छूट और सुविधाएं देने की वकालत कर रहे हैं। 
विज्ञापन
खेती के लिहाज से मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थिति में काफी अंतर होने के बावजूद भी कृषि नीति समान है। हिमालयी राज्यों की मांग है कि पहाड़ों में खेती करने में किसानों के सामने जिस तरह की चुनौतियां हैं, नीति भी उसी के आधार पर बनाई जानी चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे-छोटे बिखरे हुए खेत होने से फसलों की पैदावार में लागत ज्यादा और उत्पादन कम हो रहा है। मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ों में फसलों की उत्पादकता आधे से भी कम है। जिससे पर्वतीय राज्यों के लिए केंद्र को अलग से कृषि नीति बनानी चाहिए।

जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए पहाड़ों में फेंसिंग करना संभव नहीं है। रसायनिक खादों पर किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। लेकिन हिमालयी राज्य जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। जिससे जैविक खेती करने पर भी किसानों को छूट का प्रावधान होना चाहिए। क्योंकि जैविक खेती करने वाला किसान रसायनिक खादों का इस्तेमाल नहीं करता है। परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत 20 हेक्टेयर पर 10 लाख देने का प्रावधान किया है। जबकि पहाड़ों के लिए इसके मानक अलग होने चाहिए। जंगली जानवरों और ओलावृष्टि से फसलों को होने वाले नुकसान को फसल बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया है। रविवार को हिमालयी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में अलग कृषि नीति के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

पहाड़ों में पानी तो है, सिंचाई की सुविधा नहीं

विज्ञापन

Recommended

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय
Invertis university

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
Astrology Services

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Dehradun

उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2019: पत्नी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे अफसर पर कार्रवाई के आदेश 

जिला पंचायत वार्ड से चुनाव लड़ने की दावेदार महिला के अफसर पति उनके चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। अफसर की जब शिकायत हुई तो अब उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए।

21 सितंबर 2019

विज्ञापन

संजय दत्त की फिल्म प्रस्थानम को मिली दर्शकों की तारीफ, मनीषा कोइराला भी आईं पसंद

संजय दत्त की फिल्म प्रस्थानम को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। हालांकि इस फिल्म को लेकर दर्शकों की अपनी-अपनी राय है।

21 सितंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree