हाईकोर्ट ने लगाई वन आरक्षी परीक्षा परिणाम पर रोक
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नैनीताल हाईकोर्ट ने रामनगर वन प्रभाग में वन आरक्षी के पदों के लिए हुई परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाते हुए विभाग को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने कहा कि परीक्षा परिणाम पर रोक याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी मनोज कांडपाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर द्वारा 14 अगस्त 2015 को वन आरक्षी पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी, जिसमें शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल उत्तीर्ण निर्धारित थी।
यचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि वह 14 व 15 जून को हाईस्कूल परीक्षा सफल हुआ था, जिसके बाद विभाग ने 19 जून को लिखित परीक्षा में प्रवेश हेतु याचिकाकर्ता को प्रवेश पत्र जारी किया था। लेकिन जब वह लिखित परीक्षा में शामिल होने रामनगर पहुंचा तो उसे बताया गया कि वह लिखित परीक्षा हेतु योग्य नहीं है।
याचिकाकर्ता का कहना था कि एक बार प्रवेश पत्र जारी होने के बाद उसे निरस्त होने की सूचना नहीं दी गई। पक्षों की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाते हुए विभाग को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
चार इंस्पेक्टरों पर मेहरबानी, तबादला रुका
काशीपुर में आबकारी महकमे में 13 इंस्पेक्टरों के तबादले के आदेश क्या हुए, विभाग में खलबली मची रही। आयुक्त ने तबादले की जद में आए निरीक्षकों को तत्काल नई तैनाती स्थल में ज्वाइनिंग करने के निर्देश के साथ ही ऐसा नहीं करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी भी दी थी।
निर्देशों की अवहेलना तो हुई ही साथ ही कुछ इंस्पेक्टर पहुंच के दम पर तबादला रुकवाने में कामयाब रहे। तबादला आदेश के सात दिन बाद आयुक्त ने चार इंस्पेक्टरों का तबादला अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने के आदेश जारी कर दिए। दअरसल बीते 15 जून को आबकारी आयुक्त बीके संत ने 13 इंस्पेक्टरों के तबादले किए थे।
अचानक तबादला आदेश आने पर कई इंस्पेक्टरों में खलबली मच गई थी। कई इंस्पेक्टरों ने तबादला रुकवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। यही कारण था कि आयुक्त के स्पष्ट आदेश के बाद भी कुछ इंस्पेक्टरों ने न तो पुरानी जगह चार्ज छोड़ा और न ही नए तैनाती स्थल पर ज्वाइनिंग ली। चर्चा है कि मन पंसद जगह पोस्टिंग रुकवाने के लिए इंस्पेक्टरों ने कड़ी मशक्कत की। जिसके चलते सात दिन बाद ही चार इंस्पेक्टरों के तबादले को आबकारी आयुक्त ने स्थगित कर दिया।
अचानक चार इंस्पेक्टरों पर मेहरबानी से विभाग के आला अधिकारी भी हैरत में हैं। 21 जून को आबकारी आयुक्त बीके संत के हस्ताक्षरों से जारी आदेश में आबकारी निरीक्षक काशीपुर विष्णु थापा, निरीक्षक सीएसडी डिपो देहरादून प्रतिमा गुप्ता, निरीक्षक चकराता मानवेंद्र सिंह पंवार और निरीक्षक खटीमा सोनू सिंह का तबादला अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।
Published By : Nirmala Suyal