स्मार्ट दून में ऐसी होंगी सड़कें, भूल जाएंगे जाम
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स्मार्ट देहरादून में लोगों को तमाम जनसुविधाओं के साथ ही व्यवधान मुक्त (जाम फ्री) ट्रैफिक का सुखद अहसास भी होगा। इसके लिए विकसित देशों में अपनाई जाने वाली डबल साइड रोड तकनीक इस्तेमाल में लाई जाएगी। ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए पूरे शहर में भूमिगत सड़क (सब-वे) और फ्लाईओवर का जाल बिछाया जाएगा।
केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए चुने गए 98 शहरों में देहरादून का भी चयन हुआ है। 30 नवंबर से पहले राज्य सरकार को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (एससीपी) तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करना है, जिस पर लोग अपनी राय दे सकेंगे। 15 दिसंबर तक यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार को दिया जाना है।
प्रोजेक्ट में स्मार्ट सिटी की प्रमुख विशेषताओं और जनसुविधाओं पर विशेष फोकस किया जाना है। दून में बनने वाली स्मार्ट सिटी को जीरो ट्रैफिक जाम सिटी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। विकसित देशों की तर्ज पर स्मार्ट सिटी में बनने वाली सड़कों पर यातायात आमने-सामने नहीं चलेगा। दोनों तरफ के ट्रैफिक के लिए अलग-अलग सड़कें होंगी।
साल 2065 के लिए तैयार होगा दून का मास्टरप्लान
दून में बसने वाली स्मार्ट सिटी की सड़कें और फ्लाईओवर 50 वर्ष बाद के ट्रैफिक और वाहनों की संख्या को देखते हुए तैयार की जाएगी। वर्ष 2065 में सड़कों पर वाहनों का कितना ज्यादा दबाव होगा, उससे जाम की क्या स्थिति होगी, इन सब तथ्यों का अध्ययन करने के बाद सड़कों का निर्माण होगा।
इनका है कहना
पिछले साल ट्रैफिक सिस्टम को समझने के लिए जापान गया था। जापान समेत कई देशों में ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए डबल साइड रोड तकनीक अपनाई जा रही है। इसमें ट्रैफिक एक ही तरफ चलता है। सड़क पर न तो चौराहे होते हैं और न ही ट्रैफिक लाइट या अन्य व्यवधान। यह बेहद सुविधाजनक और फायदेमंद है। स्मार्ट सिटी में इस पर फोकस किया जाएगा।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी