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Hemkund Sahib Yatra: शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट, पहुंचे दो हजार से ज्यादा श्रद्धालु

Wed, 11 Oct 2023 01:57 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, जोशीमठ (चमोली) Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 11 Oct 2023 01:57 PM IST
सार

Hemkund Sahib Yatra 2023: इस यात्राकाल में लगातार भारी बर्फबारी और मौसम खराब रहने के बाद भी 176015 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका है। 

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Hemkund Sahib Yatra 2023 Gurudwara Doors closed today for winter Season
हेमकुंड साहिब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हेमकुंड साहिब के कपाट बुधवार को विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। दोपहर साढ़े 12 बजे अंतिम अरदास के बाद गुरुद्वारे से पवित्र गुरुग्रंथ साहिब को पंज प्यारों की अगुवाई में सुखासन में स्थापित किया गया। इसके बाद बैंड धुनों और जो बोले सो निहाल के जयकारों के साथ दोपहर डेढ़ बजे कपाट बंद हुए। इस दौरान करीब 2500 तीर्थयात्री मौजूद रहे।

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मंगलवार को देर शाम तक हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई, लेकिन बुधवार को सुबह से ही यहां चटख धूप खिली रही। घांघरिया से सुबह करीब छह बजे से ही संगतों का हेमकुंड साहिब पहुंचना शुरू हो गया था। ज्ञानी कुलवंत सिंह की अगुवाई में सुबह ठीक 10 बजे सुखमणि साहिब का पाठ शुरू हुआ। दोपहर में 12:10 बजे मुख्य ग्रंथी भाई मिलाप सिंह द्वारा अरदास की गई। इसके बाद रागी जत्था भाई गुरुप्रीत सिंह, प्रताप सिंह व साथियों ने गुरुवाणी कीर्तन कर श्रद्धालुओं को निहाल कर दिया।
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गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि इस वर्ष 2,62,352 तीर्थयात्रियों ने यात्रा के लिए पंजीकरण करवाया था, जिसमें से 2.4 लाख तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। इस मौके पर गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह भी मौजूद रहे।
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लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट भी हुए बंद

प्राचीन लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। भ्यूंडार गांव के ग्रामीणों ने विधि-विधान से मंदिर के कपाट बंद किए। इस दौरान मंदिर को गेंदे के फूलों से सजाया गया था। पुजारी कुशल सिंह चौहान ने लक्ष्मण मंदिर में पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद भगवान को दोपहर का भोग लगाया। इसके बाद विधि-विधान से शुभलग्न पर दोपहर दो बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। इस मौके पर मयंक चौहान, देवेश, गौरव, बसावर चौहान, रुपेश चौहान मौजूद रहे।  

विजय दशमी के दिन तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि

देश के चार धामों में एक बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो की तिथि विजय दशमी के दिन तय की जाएगी। उस दिन धाम के परिक्रमा स्थल में बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी), धर्माधिकारी, पंडा पुरोहित व हक-हकूकधारियों का दरबार सजाया जाएगा। धर्माधिकारी पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद होने का दिन निश्चित करेंगे और रावल उस पर अपनी सहमति देंगे। अमूमन प्रतिवर्ष 18 से 21 नवंबर के बीच कपाट बंद होने हो जाते हैं। वर्ष 2014 में 27 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हुए थे। पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि पुराणों में 30 नवंबर तक बदरीनाथ धाम की पूजा-अर्चना करने का मनुष्यों का अधिकार है। 

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