कुमाऊं में तबाही की बारिश, दरके पहाड़
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कुमाऊं में पिछले चार दिन से लगातार हो रही भारी बारिश आफत बनती जा रही है। उफानी नदियों ने जहां-तहां हाईवे तथा आंतरिक मार्ग काट दिए हैं।
कई जगहों पर मलबे आने से 75 से अधिक मार्ग बाधित हैं। जरूरी सामान की आमद नहीं हो पा रही हैं जिससे चीजों मंहगी हो गई हैं।
अल्मोड़ा, लोहाघाट, बेड़ीनाग और हल्द्वानी में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। हल्द्वानी में बौखलाए लोगों ने जलसंस्थान का घेराव भी किया।
भारी बारिश से अब तक करीब 100 मकान ध्वस्त हो चुके हैं। कई जगहों पर बीएसएनएल की सेवाएं और बिजली भी ठप रही। उधर, तेज बारिश के चलते मुनस्यारी तहसील के हंसलिंग, पंचाचूली और पिल्थी की चोटियों पर रविवार को हिमपात भी हुआ।
टनकपुर-चंपावत राजमार्ग बहा, ट्रेनें भी बंद
खतरे के निशान से ऊपर बह रही शारदा ने टनकपुर में किरोड़ा नाला पुल के पास टनकपुर-चंपावत राजमार्ग का करीब 20-25 मीटर हिस्सा नदी ने काट दिया है।
बनबसा के पास जगबूड़ा पुल के पास ट्रैक पर पानी आने से रविवार को इस रूट पर चलने वाली तीनों ट्रेनें टनकपुर तक नहीं जा सकीं। ये ट्रेने खटीमा से ही वापस हो गईं, जिससे यात्री परेशान रहे।
नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र का जिला मुख्यालय (चंपावत) से तीन दिन से संपर्क कटा हुआ है।
अल्मोड़ा जिले में अब तक करीब 69 और बागेश्वर जिले के सिमस्यारी, मेहनरबूंगा और मंडलसेरा में सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं, पिथौरागढ़ के थल में तीन मकान ध्वस्त हुए हैं। सोमेश्वर में मनसा नदी ने अपना रुख बदल दिया।
ये सड़कें अभी भी बंद
टनकपुर-पिथौरागढ़
पिथौरागढ़-अल्मोड़ा
चंपावत-मंच-तामली
कैलाश नदीं पर पुल बहा, दो बहे
टनकपुर में शारदा में बहकर आई लकड़ियों को निकालते वक्त नेपाल के मिनपा एक भुजेला गांव निवासी तुलसा देवी (45) बह गई। खबर लिखे जाने तक नेपाल पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी हुई थी।
उधर, बाजपुर के गांव पिपिलया निवासी दिनेश चंद शर्मा का 11 वर्षीय पुत्र विशु शर्मा की नाले में डूबने से मौत हो गई। वह सेंट मेरी स्कूल का छात्र था।
सितारगंज में बैगुल के बाद कैलाश नदी का भी कहर टूट पड़ा है। रविवार सुबह कैलाश में करीब 45 हजार क्यूसेक पानी आने से बिज्टी-मझोला पुल का एक हिस्सा बह गया और पुल गिरने की कगार पर है।
एहतियातन भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। साथ ही पुल के पास सड़क बहने से उत्तराखंड के दर्जन भर गांवों का पीलीभीत से संपर्क कट गया है।
यात्रियों से वसूला रहे ज्यादा किराया
बाजपुर में लेवड़ा में आई बाढ़ के चलते नैनीताल-हल्द्वानी स्टेट हाइवे जलमग्न हो गया है। इसका फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक पानी से छोटे वाहनों को निकालने के 300 से 400 रुपए तक वसूल रहे हैं।
देहरादून रूट पर जसपुर के पास सड़क कट जाने से परिवहन निगम ने रविवार को केवल चार बसें वाया मुरादाबाद देहरादून भेजी।
बसों को वाया मुरादाबाद भेजे जाने से यात्रियों को करीब 25 रुपए की अधिक किराया देना पड़ रहा है। पहाड़ के लिए भी केवल नैनीताल के लिए हल्द्वानी से बसें जा रही हैं।
सब्जियों के दाम छू रहे आसमान
हल्द्वानी/पिथौरागढ़। सड़कें बंद होने से पहाड़ में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। चार दिन पहले शिमला मिर्च का मंडी में 30 रुपए किलो थोक रेट था, लेकिन रविवार को यह 50 रुपए किलो बिका। 28 रुपए किलो बिकने वाला बीन 50 रुपए किलो बिक रहा है। आलू के दाम 25 से 29 रुपए हो गए हैं।
टमाटर 30 रूपए से बढ़कर 50 रूपए किलो बिक रहा है। बंद गोभी के दाम दोगुने हो गए हैं। चार दिन पहले 200 रुपए कट्टा बिक रही बंदगोभी अब चार सौ रुपए कट्टा हो गई।
वहीं पहाड़ पर भी मैदानी इलाकों की सब्जियां न आने से स्थानीय सब्जियां महंगी हो गई है। पिथौरागढ़ में लोकल गोभी 30 रुपए किलो, टमाटर 40 रुपए किलो, प्याज 40 रुपए किलो बिक रहा है। चंपावत में दूध की कमी रही।