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उत्तराखंडः भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, एक व्यक्ति की मौत
ब्यूरो / अमर उजाला, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़-नैनीताल
Updated Fri, 12 Aug 2016 08:06 AM IST
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उत्तराखंड में कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में मंगलवार रात्रि हुई भारी बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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जगह-जगह मलबा आने से कई मुख्य सड़कें बंद हो गई हैं। नाचनी के होकरा होकरा के जंगल में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर ग्रामीण बाला सिंह की मौत हो गई। वह बुधवार को जंगल में मवेशी चराने गया था।
स्याल्दे ब्लाक के दूरस्थ गांव से जंगल गई दो महिलाएं गधेरे में बह गई जिन्हें कुछ युवकों ने बचा लिया। भारी बारिश से अलग-अलग जगहों पर कई मकान जमींदोज हो गए जबकि शारदा नदी खतरे के निशान को पार गई है।
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बागेश्वर जिले में आरे गांव के समीप काभड़भ्योल पहाड़ी दरकने से पिंडारी सड़क का आधा हिस्सा 20 मीटर लंबाई तक कट गया। भारी मात्रा में मलबा आने के कारण सड़क पर 14 घंटे तक यातायात ठप रहा। जिससे यात्रियों को घिरौली गांव से पैदल सफर तय करना पड़ा। जिले की 19 सड़कों में यातायात बुधवार दिन भर ठप रहा।
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अल्मोड़ा-बेरीनाग मोटर मार्ग धौलछीना से कुछ दूर कालीगाड़ गधेरे में पहाड़ी से आए मलबे के कारण करीब चार घंटे बंद रहा। बारिश से गरुड़ में दो मकान ध्वस्त हो गए।
विंता मोटर मार्ग पेड़ गिरने से घंटों बाधित रहा
कई जगहों पर भूस्खलन
- फोटो : Amar Ujala
पिथौरागढ़ जिले में पिथौरागढ़-अल्मोड़ा रोड पर ध्याड़ी के पास बुधवार सुबह करीब चार बजे मलबा गिरने से वाहनों की आवाजाही पांच घंटे तक बंद रही।
पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल को जाने वाले वाहन ध्याड़ी पर काफी देर तक फंसे रहे। पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग पर गुड़ौली के पास भारी मलबा आने से बंद मार्ग को चार घंटे बाद खोला जा सका।
बारिश से गंगोलीहाट में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया जबकि 4 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। चंपावत जिले में भारी बारिश से एक राज्य राजमार्ग और 10 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। सरोवर नगरी नैनीताल में बुधवार को सुबह से ही बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
बारिश की वजह से नैनी झील का जलस्तर 5 फीट 8 इंच तक पहुंच गया। सूखाताल झील में भी धीरे-धीरे पानी बढ़ने लगा है। बारिश की वजह से जिले के 8 मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। नैनीताल में 35 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
पिथौरागढ़ से अल्मोड़ा, हल्द्वानी, नैनीताल को जाने वाले वाहन ध्याड़ी पर काफी देर तक फंसे रहे। पिथौरागढ़-तवाघाट मार्ग पर गुड़ौली के पास भारी मलबा आने से बंद मार्ग को चार घंटे बाद खोला जा सका।
बारिश से गंगोलीहाट में एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया जबकि 4 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। चंपावत जिले में भारी बारिश से एक राज्य राजमार्ग और 10 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। सरोवर नगरी नैनीताल में बुधवार को सुबह से ही बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा।
बारिश की वजह से नैनी झील का जलस्तर 5 फीट 8 इंच तक पहुंच गया। सूखाताल झील में भी धीरे-धीरे पानी बढ़ने लगा है। बारिश की वजह से जिले के 8 मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। नैनीताल में 35 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।