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उत्तराखंडः अगले 12 घंटे खतरनाक, तबाही मचा सकती है बारिश

Sun, 02 Aug 2015 01:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Aug 2015 01:18 PM IST
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heavy rain alert in uttarakhand seven district.

मौसम विभाग ने राजधानी देहरारदून सहित उत्तराखंड के सात जिलों में आगामी 12 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

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विभाग के मुताबिक चारधाम यात्रा मार्गों पर फिलहाल दो दिन तक भारी बारिश के आसार नहीं हैं। प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। शनिवार को दून सहित पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहा।

मैदानी इलाकों में कई जगहों पर 20 से 50 मिमी (मिलीमीटर) तक बारिश रिकॉर्ड की गई। दून में भी सुबह और दोपहर बाद हुई बारिश से तापमान शुक्रवार के मुकाबले करीब चार डिग्री कम (27.4) रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री था।
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मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि रविवार को सुबह से आगामी 12 घंटे तक प्रदेश में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और देहरादून में भारी बारिश (65 से 80 मिमी) तक हो सकती है।
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बताया कि अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और श्री हेमकुंड साहिब में दो व तीन अगस्त को हल्की बारिश होगी।

बारिश ने फिर रोकी जौनसार की रफ्तार

heavy rain alert in uttarakhand seven district.

भारी बारिश ने जौनसार बावर की रफ्तार पर एक बार फिर ब्रेक लगा दिया है। शुक्रवार रात आठ बजे से कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप है। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई हैं। सैकड़ों यात्रियों के साथ फसलों से लदे कई ट्रक रास्ते में फंसे हैं।

इस मार्ग से तीन सौ गांवों की आवाजाही जुड़ी है। इसके अलावा जगह-जगह मलबा आने से 16 अन्य मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। 150 गांवों की आबादी का संपर्क ब्लाक और जिला मुख्यालय से कट गया है। शुक्रवार रात आठ बजे जजरेट के पास भारी मलबा आने से कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।

मलबा इतना अधिक है कि शनिवार शाम तक भी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी। रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं लोगों को पहाड़ी पगडंडी के सहारे गांव तक पहुंचानी पड़ी। मरीजों को भी अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बता दें मार्ग को जौनसार बावर का प्रवेश द्वार कहते हैं। इससे 300 गांवों की आवाजाही जुड़ी हुई है।

ये मार्ग भी बंद
पिपारा-मीनस-बाइला, रडू-मुंधोल, कथियान-छजाड़, भूट संपर्क मार्ग, माख्टी-पोखरी, सावड़ा-छाचुवा, मगरोली, जोशीगोथान, बिन्हार, रायगी-कुकल्हा, किमी162-रायगी, सिलीखड्ड-कुनैन, लावड़ी-दतरोटा, लेल्टा-मंडोली, धोईरा-देऊ समेत 16 संपर्क मार्ग।

मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आने के कारण उसे खोलने में समय लग रहा है। शीघ्र ही आवाजाही बहाल कर दी जाएगी।
- मुकेश परमार, ईई लोनिवि साहिया

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