Dehradun: 1200 करोड़ के स्कैम में हवाला एजेंट दिल्ली से गिरफ्तार, चीन और नेपाल में भेजता था रुपये
इस मामले में एसटीएफ अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि, एक फिल्म प्रोड्यूसर को नोटिस और तीन आरोपियों के खिलाफ के लुकआउट सर्कुलर जारी कर चुकी है।
विस्तार
वर्ष 2021 में हुए 1200 करोड़ के स्कैम में एसटीएफ ने एक और हवाला एजेंट को गिरफ्तार किया है। इसके माध्यम से गिरोह चीन और नेपाल में रुपये भेजता था। आरोपी ने हांगकांग और चीन के अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट भी बनवाई थी। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम था। आरोपी के पास से मोबाइल, डेबिट कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया।
इस मामले में एसटीएफ अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि, एक फिल्म प्रोड्यूसर को नोटिस और तीन आरोपियों के खिलाफ के लुकआउट सर्कुलर जारी कर चुकी है। एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में चार सितंबर 2021 को ज्वालापुर, हरिद्वार के अमित कुमार ने शिकायत की थी। उन्हें अज्ञात व्यक्ति ने व्हॉट्सएप पर मैसेज भेजकर ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा दिया था।
सोना, मसाले और रेड वाइन की ट्रेडिंग में धन कमाने का लालच दिया गया। इसके लिए अमित ने उसके विभिन्न बैंक खातों में 15 लाख रुपये जमा करा दिए। एसटीएफ ने जब खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की तो पता चला कि इनका चीन और हांगकांग से संबंध है। वर्ष 2021 में ही एसटीएफ ने एक आरोपी को पंजाब के फरीदकोट से, दो को मध्य प्रदेश से और एक को ओडिसा से गिरफ्तार किया।
इसमें मुंबई के एक फिल्म निर्माता की भूमिका भी पाई गई। उसे एसटीएफ ने नोटिस जारी किया। पिछले दिनों एक हवाला एजेंट को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। यह दुबई और नेपाल में पैसे भेज रहा था। अब तक की जांच में सामने आया कि इस मामले में गिरोह 1200 करोड़ रुपये का स्कैम कर चुका है। वर्तमान में भी इस मामले की जांच चल रही है। पता चला कि इसकी फर्जी वेबसाइट हांगकांग और सिंगापुर में बनवाई गई है। इसमें दिल्ली के एक व्यक्ति का हाथ है। वह क्रिप्टो के माध्यम से रुपये विदेश भी भेजता है। इस पर एक टीम को दिल्ली रवाना किया गया। टीम ने वहां से अश्वनी कुमार निवासी बिहार, हाल निवासी मंगल बाजार रोड, उत्तम नगर, बिंदापुर, दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे करते हैं ठगी
आरोपी फर्जी कंपनी बनाकर लोगों को ऑनलाइन ट्रेडिंग की बात कहकर फर्जी बेवसाइट के माध्यम से पैसे कमाने का लालच देते हैं। देश के अलग-अलग कोनों में दर्जनों फर्जी कंपनियां बनाई गई थीं। साइबर अपराधियों ने फिल्मों की स्क्रीनिंग के नाम पर करोड़ों रुपये क्रिप्टो करेंसी के जरिये भारत से बाहर भेजे। अपराध में जिस वेबसाइट का प्रयोग किया गया है, वह सिंगापुर में बनाई गई है।
क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से 10 करोड़ से ज्यादा भेजे विदेश
इस गिरोह के कई सदस्य चीन और हांगकांग में रहते हैं। उन्होंने अब तक करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम विदेशों में भेजी है। पिछले दिनों गिरफ्तार हुए एक आरोपी से पूछताछ में पता चला था कि गिरोह के कुछ सदस्य अब भी सक्रिय हैं।