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मोदी के रडार पर नहीं आया उत्तराखंड: हरीश

Sun, 01 Mar 2015 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 01 Mar 2015 12:11 AM IST
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harish rawat unhappy from budget 2015.

उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि मोदी के रडार पर उत्तराखंड नहीं आया। आम बजट ने निराश किया है और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जो बातें कहीं हैं उससे तकलीफ हुई।

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बजट में राज्यों को केंद्रीय टैक्स के हिस्से में मिलने वाली रकम में दस फीसदी की बढ़ोत्तरी को नाकाफी बताया है। बावजूद रावत मानते हैं की मोदी उनके दोस्त हैं।
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बजट पर प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए सीएम ने कहा मेरा अनुमान है कि राज्य को वित्तीय अनुशासन का दंड मिला है। विशेष राज्य के तौर पर जो अपेक्षाएं थीं पूरी नहीं हुई। वहीं राज्य में चल रही केंद्र आधारित योजनाओं से हाथ खींच लेने पर राज्य को दो हजार करोड़ का सालाना नुकसान होगा।
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राष्ट्रीय धरोहर और संस्कृति के नाम पर कुछ राज्यों को तरजीह मिली। लेकिन, उत्तराखंड की उपेक्षा हुई। यहां भी चारधाम यात्रा, पिरान कलियर, हेमकुंड, सूर्यमंदिर, गौरीशंकर मंदिर जैसे धार्मिक आस्था और स्थापत्यकला से जुड़े ऐतिहासिक स्थान हैं।

'ऐसे अच्छे दिन भाजपा को मुबारक'

harish rawat unhappy from budget 2015.

सीएम ने कहा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन यहां के एम्स में आयुर्वेद और नैच्यूरोथैरेपी सेंटर खोलने की बात कह गए थे। लेकिन बजट में नहीं है। अर्द्धकुंभ के लिए भी बजट में कोई अनुदान शामिल नहीं है। देर से रकम मिलने पर राज्य पर उसे समय पर खर्च करने का दबाव होगा।

सीएम ने सेवा कर बढ़ाने पर राज्य की ओर से किसी प्रकार की छूट से इंकार किया। उनका कहना है कि राज्य के पास संसाधन नहीं हैं और किसी प्रकार के कर में कमी राज्य सरकार अपने कंधे पर उठाने की स्थिति में नहीं है।

हमें अपनी विकास दर को भी संभालना होगा। उन्होंने कारपोरेट घरानों को छूट और आयकर जस का तस रहने पर कहा कि अच्छे दिन भाजपा को मुबारक।

आठ केंद्रीय योजनाएं होंगी प्रभावित
मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि उत्तराखंड की उपेक्षा के चलते राज्य में चल रही केंद्रपोषित आठ योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। राज्य में पर्यटन सर्किट से जुड़ी योजनाएं केंद्र सरकार की मदद से चलती रही हैं। अब राज्य को अपने बलबूते करना होगा।

केंद्र सरकार ई-गवर्नेंस और डिजिटलाइजेशन की बात कहती है लेकिन इसे भी राज्यों के भरोसे छोड़ दिया गया है। राज्य में अभी पांच फीसदी लोग ही इससे जुड़ पाएं हैं ऐसे में सीमित साधनों के चलते हम पिछड़ जाएंगे। इसी प्रकार फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी हम प्रारंभिक स्तर पर हैं।

कहा, 'हमें हमारे भरोसे छोड़ दिया है'

harish rawat unhappy from budget 2015.

पुलिस बल के आधुनिकीकरण में भी अब राज्यों को खुद संसाधन जुटाने होंगे। जबकि इसके तहत तमाम राज्य पहले लाभ पा चुके हैं हमें हमारे भरोसे छोड़ दिया गया है। जबकि यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं और हमारी सीमाएं चीन और नेपाल से लगती हैं। केंद्रीय मंत्री की ओर से बजट में देश में शुरू होने वाले पांच अल्ट्रा पावर प्रोजेक्ट के सवाल पर सीएम का कहना है कि जो हमारे हैं बस वही छोड़ दें।

आपके पांडव आपको मुबारक
रेल बजट और फिर आम बजट में हुई उपेक्षा से आहत मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य के पांचों भाजपा सांसदों पर कटाक्ष किया। उनका कहना है कि आपके पांडव आपको मुबारक।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने भाजपा सांसदों से भी अपील की थी कि राज्य के हित में केंद्रीय मदद और योजनाओं की पैरवी करें। सीएम का कहना है हिमालय राज्यों को लेकर भाजपा नेताओं ने हिमालय कल्चरल सेंटर ग्रीन बोनस जैसी घोषणाएं की थीं। उत्तराखंड सिर्फ हमारी थाती नहीं है देश को पानी और आक्सीजन देता है लेकिन एनडीए सरकार के रुख से चोट पहुंची है।

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