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वनाग्नि: जंगलों की आग से निपटने के लिए हरीश रावत ने दिया सुझाव, कहा- इन दो तकनीक का लिया जा सकता है सहारा
Sun, 17 Apr 2022 03:54 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sun, 17 Apr 2022 03:54 PM IST
सार
वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस बार जंगलों में आग लगने की घटनाएं पहले ही बहुत हो गई हैं। बारिश की वजह से थोड़ा नियंत्रण हुआ है। यदि बारिश आगे भी जारी रही, तभी पूरा नियंत्रण हो सकता है।
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हरीश रावत
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
प्रदेश के वनों में आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हेलीकॉप्टर के प्रयोग का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि फायर सीजन के दौरान हेलीकॉप्टर जंगलों के करीब रखे जाएं। जिससे जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल इस्तेमाल किया जा सके।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार जंगलों में आग लगने की घटनाएं पहले ही बहुत हो गई हैं। बारिश की वजह से थोड़ा नियंत्रण हुआ है। यदि बारिश आगे भी जारी रही, तभी पूरा नियंत्रण हो सकता है। मगर राज्य के मैदानी क्षेत्रों में साल, सागौन के जंगल हैं। इस बार गर्मी से उनके जलने की आशंका है।
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जंगलों की आग को लक्ष्यगत तरीके से पिछले साल के मुकाबले पहले वर्ष 25 प्रतिशत और दूसरे वर्ष 50 प्रतिशत घटाने का प्रयास होना चाहिए। इसमें ड्रोन तकनीक का प्रयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण जंगलों के नजदीक हेलीकॉप्टर रखे जाएं, ताकि प्रारंभ में ही यदि घने जंगलों के बीच में कहीं आग लगती है तो उसको बुझाने में हेलीकॉप्टर का सहारा लिया जाए।