इंदिरा-किशोर की जुगलबंदी पर हरीश का जवाब, दंड भुगतने को तैयार
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नेता प्रतिपक्ष डॉ इंदिरा हृदयेश के बयान का जवाब दिया कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की पराजय की वह सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी ले चुके हैं। वह गलती स्वीकार कर चुके हैं, लिहाजा इसके लिए यदि पार्टी उन्हें दंड देना चाहती है तो वह उसके लिए भी तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि जितना भी ‘काला’ है, वह उन्होंने ग्रहण कर लिया है। अब कांग्रेस के उज्ज्वल दिन लाने की जिम्मेदारी नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पर है। हम सब उनके साथ हैं।
इंदिरा हृदयेश ने हरिद्वार में कहा था ये
बता दें कि नेता प्रतिपक्ष ने बृहस्पतिवार को हरिद्वार में यह बयान दिया था कि विधानसभा चुनाव में पार्टी पराजय का कारण पूर्व कांग्रेस सरकार के गलत निर्णय थे। जनता ने उन फैसलों को दिल में बैठा लिया और उन्हें स्वीकार नहीं किया। इंदिरा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की हरिद्वार और किच्छा विधानसभा सीटों से पराजय को भी काले दिन की संज्ञा दी।
उनके इस बयान की कांग्रेसी हलकों में खासी चर्चा रही। बयान के सियासी निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। इसे पार्टी के भीतर शीर्ष नेताओं के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
इंदिरा के बयान पर प्रतिक्रिया में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ढाई-तीन साल में जितनी भी गलतियां की हैं, उनकी वह सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी ले चुके हैं। उन गलतियों पर विचार करते हुए यदि कांग्रेस नेतृत्व उन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करना चाहता है, तो वह उसके लिए भी तैयार हैं।
वहीं, मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि इंदिरा जी हमारी वरिष्ठम नेता हैं। अगर उन्होंने कुछ कहा है, तो सोच-समझकर ही कहा होगा। पार्टी उनके सुझाव पर गंभीर है।