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हरीश रावत ने आखिर क्यों छुपाया सच?
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 06 Jul 2014 11:27 AM IST
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धारचूला से मुख्यमंत्री हरीश रावत की उम्मीदवारी रद्द करने के लिए भाजपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है।
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धारचूला से कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी से मिलकर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि हरीश रावत ने जो शपथपत्र दाखिल किया है उनमें कई जानकारियां और तथ्य छुपाए हैं। लिहाजा धारचूला से कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया जाए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में भाजपा के प्रदेश महामंत्री नरेश बसंल ने कहा है कि हरीश चंद्र सिंह रावत ने शपथ पत्र में अपनी पहली पत्नी बसंती देवी एवं अपने पुत्र विरेन्द्र सिंह रावत और आनंद सिंह रावत की सम्पत्ति का उल्लेख नहीं किया है।
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इतना ही नहीं रावत ने दूसरी पत्नी रेणुका रावत के नाम से दिल्ली में एक पेट्रोल का उल्लेख भी नहीं किया है। पेट्रोल पंप चौधरी सर्विस स्टेशन मुकुंदपुर चौक अरिहंत मार्ग धीरपुर नार्थ, रिंग रोड दिल्ल में है।
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बसंल का कहना है कि हरीश रावत ने जानबूझकर अपने नामांकन के शपथपत्र में इसे नहीं दर्शाया है। यह लोकजन प्रतिनिधि अधिनियम के अतंर्गत अपराध है।
सुरेन्द्र कुमार, मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी
भाजपा को दीवार पर अपनी लिखी हार साफ दिखाई पड़ रही है। लिहाजा ऐसे आरोप लगाकर भाजपा प्रदेश के लोगों को भटकाना चाहती है।
लेकिन प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि विधानसभा की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव में वह कांग्रेस का जिताकर भाजपा को सबक सिखाएगी।
राधा रतूड़ी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी
भाजपा ने धारचूला से उम्मीदवार हरीश रावत के शपथपत्र में दी गई जानकारी को लेकर शिकायत दी है। चूंकि कानून के तहत रिटर्निंग अफसर ही इस पर निर्णय ले सकता है।
लिहाजा धारचूला के रिटर्निंग अफसर को शिकायत भेज दी गई। इस पर कोई निर्णय उन्हीं का लेना है।