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PM मोदी के सामने हरीश रावत ने उठाई आवाज, मांगा विशेष पैकेज

Sun, 17 Jul 2016 02:43 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 17 Jul 2016 02:43 PM IST
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harish rawat demand special package for hilly stats
inter state council meeting

पिछड़े राज्यों की तर्ज पर नवसृजित और पर्वतीय राज्यों को विशेष आर्थिक पैकेज मिलना चाहिए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह मुद्दा प्रधानमंत्री की मौजूदगी में नई दिल्ली में हुई 11वीं इंटर स्टेट काउंसिल की बैठक में जोरशोर से उठाया।

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इसके अलावा जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों को समवर्ती सूची में शामिल करने, राज्यांश को लेकर गाडगिल फार्मूला अपनाए जाने, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में राज्य को अतिरिक्त बजट देने, राज्य में जिले छोटे होने की वजह से पृथक प्रशासनिक ढांचा न लागू करने की मांग भी मुख्यमंत्री ने प्रमुखता से रखी। 
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मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की राज्यों में स्वमेव तैनाती नहीं करने, पुलिस बल के आधुनिकीकरण को केंद्र से अतिरिक्त बजट मुहैया कराने और उत्तराखंड में उच्च गुणवत्ता संवर्द्धन एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की पुरजोर वकालत की। कहा कि योजना आयोग द्वारा उत्तर पूर्वी राज्यों की समस्याओं के निराकरण के लिए एकल इंस्टीट्यूशन स्थापित किए जाने की संस्तुति की गई है, इसी प्रकृति के संस्थागत ढांचे की जरूरत अन्य हिमालयी राज्यों के लिए भी जरूरी है।
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पुंछी आयोग की संस्तुतियों पर राज्य का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान में दी गई त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था जन आकांक्षाओं एवं क्षेत्रीय विकास के अनुरूप है, इसलिए ग्राम और जिला स्तर पर द्विस्तरीय पंचायत व्यवस्था के लिए संविधान में संशोधन किए जाने की आयोग की संस्तुति से राज्य सहमत नहीं है।

उत्तराखंड में साक्षरता का स्तर ठीक है, ऐसी स्थिति में पंचायतों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए पंचायतों के कार्य को समझने एवं निष्पादन के लिए पांच वर्ष की अवधि पर्याप्त है। इसलिए राज्य सरकार पंचायतों में पदों और स्थानों में लगातार दो कार्यकाल आरक्षण स्थिर रखे जाने के पक्ष में नहीं है।

पृथक प्रशासनिक ढांचा स्वीकार नहीं

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हरीश रावत - फोटो : अमरउजाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जिलाधिकारी जिला योजना समिति के पदेन सदस्य हैं। पर्वतीय राज्य में होने की वजह से जिलों का आकार छोटा है, ऐसे में जिलाधिकारी अपने कार्य के साथ-साथ जिला योजना समिति के कार्य भली-भांति संपन्न कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में पृथक से किसी भी प्र्रशासनिक ढांचे के गठन की आवश्यकता नहीं है।

योजनाओं में राज्य को मिले अधिक बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सीमाएं अंतरराष्ट्रीय सीमाओं सहित कई राज्यों से मिली हुई हैं, जिस कारण उत्तराखंड बाल अपराधों और मानव तस्करी के प्रति संवेदनशील है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतरराज्यीय सामंजस्य जरूरी है। केंद्र पोषित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में राज्य को अन्य राज्यों की तुलना में अतिरिक्त बजट के साथ-साथ मानकों में शिथिलता दी जानी चाहिए। 

राज्य में स्थापित हो उच्च गुणवत्ता संवर्द्धन एवं प्रशिक्षण केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए नियमित रूप से मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास के  लिए योग को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य में एक गुणवत्ता संवर्द्धन एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की जरूरत है। जो राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित कर युवाओं को स्वरोजगार प्रदान करने में सहायक सिद्ध हो। 

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