'सतपाल महाराज साथ देते हैं, आशीर्वाद नहीं देते'
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हरीश रावत श्रीनगर में आए तो एनआईटी के उद्घाटन करने पहुंचे तो नाराज चल रहे हरक सिंह रावत और सतपाल महाराज पर व्यंग्य करने से नहीं चूके।
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स्वागत के दौरान जब हरीश रावत ने डा. हरक सिंह रावत को एक गुलाब भेंट किया, तो हरक पूछ बैठे कि गुलाब तो दिया, लेकिन क्या इसके कांटे हटा लिए हैं।
जवाब में मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में हरक सिंह को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबको मिलकर दूसरों की राह के कांटों को हटाना है। इस प्रदेश के गांवों को संवारना है। इसलिए मैंने तो कांटे पहले ही हटा रखे हैं।
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इसी तरह, महाराज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज हमें सहयोग तो देते हैं, पर आशीर्वाद नहीं देते। हमें उनके आशीर्वाद की भी जरूरत है।
नाराजगी जताने पर मिला बोलने का मंच
संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनिल स्वामी को मंच पर बैठने के लिए कुर्सी तो दी गई, लेकिन संबोधन का मौका नहीं मिला। इस पर संघर्ष समिति एवं सुमाड़ी के दानदाता नाराज हो गए।
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इसके बाद विधायक गणेश गोदियाल ने अनिल स्वामी को मंच पर बुलाया और बोलने का मौका दिया। उन्होंने मेडिकल कालेज के कर्मचारियों और होमगार्डों को मानदेय नहीं मिलने का मामला उठाया।
कलावती ने तैयार किया था बागीचा
जिस स्थान पर एनआईटी भवन का शिलान्यास किया गया, वहां पर अंग्रेजों के समय में डिप्टी कलक्टर रहे स्व. गोविंद राम काला की पत्नी कलावती ने कभी आम, पीपल आदि की पौध रोपकर बागीचा तैयार किया था, इसीलिए इस स्थान को कलावती बाग कहा जाता है।
300 एकड़ में तैयार होगा हाईटेक कैंपस
एनआईटी भवन के शिलान्यास अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. एचपी थोराट ने कहा कि सुमाड़ी में 300 एकड़ भूमि पर हाईटेक कैंपस का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दान की भूमि के सभी दस्तावेज मिल चुके हैं इसलिए निर्माण में देरी नहीं होगी।
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प्रो. थोराट ने एनआईटी भवन के मॉडल की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि ऐसी तकनीक प्रयोग में लाएं, जिससे बारिश का पानी हमारी जरूरत पूरी करे। बिजली बाहर से न लेनी पड़े और पानी की निकासी और गंदगी को यहीं समाप्त कर दिया जाए। इससे कैंपस से बाहर के लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी।
सीएम ने की प्रशंसा
मॉडल की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ऐसा कैंपस बनेगा, तो प्रदेश की सभी निर्माण एजेंसियों से भी इसी अनुरूप कार्य करने को कहा जाएगा।
ज्ञापन देने की मची रही होड़
शहर में मुख्यमंत्री के पंहुचने विभिन्न संगठनों ने अपनी समस्याओं से संबधित ज्ञापन सौंपे। मुख्यमंत्री ने स्वयं ज्ञापन लेकर सकारात्मक आश्वासन दिए।
टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षितों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप 6 हजार से अधिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर विज्ञप्ति जारी करने की मांग की। मेडिकल कालेज व बेस अस्पताल के संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने चार सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की कि संविदा व दैनिक कर्मियों के रुके वेतन को जल्द से जल्द दिया जाए।
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अनुसूचित जाति जनजाति बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने राज्य में 15 हजार बैकलाग पदों पर विशेष भर्ती अभियान शुरू करने की मांग की। नगरपालिका के सेवानिवृत्त सफाई कर्मचारियों ने 2006 से रुके एरियर भुगतान को जल्द दिए जाने की मांग की है।