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हरिद्वार: आचार्य बालकृष्ण के विवादित बयान पर धर्मनगरी में उबाल, कहा- मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं
Tue, 25 May 2021 08:14 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 25 May 2021 08:14 PM IST
सार
पतंजलि योग पीठ के संस्थापक एवं योग गुरु बाबा रामदेव के बाद अब महासचिव आचार्य बालकृष्ण का विवादित बयान सुर्खियों में है।
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आचार्य बालकृष्ण
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
आचार्य बालकृष्ण ने बाबा रामदेव के बचाव में एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि पूरे देश में क्रिश्चिनिटी में कन्वर्ट करने के षड्यंत्र के तहत योग ऋषि रामदेव को टारगेट किया जा रहा है। कोरोना संकटकाल में बाबा रामदेव के बाद आचार्य बालकृष्ण का विवादित बयान खूब वायरल हो रहे हैं। धर्मनगरी के लोग भी हैरत में हैं।
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विवाद: बाबा रामदेव के बचाव में उतरे आचार्य बालकृष्ण, कहा- पूरे देश को ईसाई बनाने के लिए किया जा रहा टारगेट
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लोगों ने कहा कि मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। कोरोनाकाल में हर धर्म और संप्रदाय के लोग कोविड की लड़ाई में एकजुट होकर लड़ रहे हैं। बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को उनका मनोबल गिराने के बजाय बढ़ाना चाहिए।
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देश वैश्विक महामारी के संकट से जूझ रहा है। हर चिकित्सा पद्धति अपनाई जा रही है। सभी धर्म एवं जाति के डॉक्टर एवं स्टाफ अपनी ड्यूटी कर मरीजों की जान बचा रहे हैं। मौजूदा परिवेश में सबकी उपयोगिता है। एलोपैथी उपचार का त्वरित प्रभाव है। कोविडकाल में कारगर है। दवाओं और किसी भी धर्म से जुड़े डाक्टर एवं स्टाफ की सेवा को केवल मानव जीवन के संरक्षण और संवर्धन की दृष्टि से देखा जाना चाहिए। विवादित बयान से बचना चाहिए।
- विकास तिवारी, जिला महामंत्री भाजपा
मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। हिंदू धर्म सबको सम्मान देता और सबकी सेवा करने की प्रेरणा देता है। केवल भारत ही विश्व कल्याण कामना करता है। प्रत्येक प्राणी की प्राणों की रक्षा की कामना करता है। कोरोनाकाल में मानव जाति की रक्षा करना सबसे बड़ा धर्म है। ऐसे में कभी एलोपैथी और कभी दूसरे धर्म पर सवाल उठाना कतई उचित नहीं है। लोगों की जान कैसे बचाई जाए और राष्ट्र का उत्थान कैसे हो, इस दिशा में सोचने की जरूरत है।
- स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर महानिर्वाणी अखाड़ा
बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण व्यापारी से पहले संत हैं। दोनों को संत की मर्यादा और गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। वैश्विक महामारी के दौर में कोई भी ऐसा विवाद पैदा नहीं करना चाहिए, जिससे समाज में विघटन हो और कोविड महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहे डॉक्टरों का मनोबल गिरे। बाबा रामदेव के बाद आचार्य बालकृष्ण का बयान बेहद निंदनीय है। वेवजह के विवादित बयानों से असली समस्याओं से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।
- अंशुल श्रीकुंज, अध्यक्ष भारत जागृति मिशन
आचार्य बालकृष्ण का बयान सोची-समझी साजिश है। हर धर्म के डॉक्टर अपनी जिंदगी की परवाह न करके मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कई डाक्टरों और स्टाफ ने अपनी कुर्बानी दी है। ऐसे डॉक्टरों और स्टाफ का मनोबल तोड़ा जा रहा है। आचार्य बालकृष्ण ने देश को बांटने और लोगों को भड़काने का बयान दिया है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्र सरकार यदि बाबा रामदेव और बालकृष्ण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।
- संजय अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष कांग्रेस