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कुंभ 2021 : प्रधानमंत्री की अपील के बाद अवधेशानंद गिरी ने की घोषणा, कहा- प्रतीकात्मक रूप में जारी रहेगा कुंभ

Sat, 17 Apr 2021 06:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 17 Apr 2021 06:12 PM IST
सार

प्रधानमंत्री मोदी से बात करने के बाद अवधेशानंद गिरी शनिवार को सुबह 11 बजे मीडिया से मुखातिब हुए।

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Haridwar Kumbh Mela 2021 latest news : pm modi talk to saint on kumbh mela time, saint can take big decision today
जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत के बाद जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ मेला निर्धारित अवधि से पहले खत्म नहीं होगा, लेकिन कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए संन्यासी अखाड़ों के संत प्रतीकात्मक स्नान करेंगे। वैसे भी संन्यासी अखाड़ों के सभी शाही स्नान पूरे हो चुके हैं।

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हालांकि, बैरागी अखाड़ों के संत परंपरा के अनुसार, 27 अप्रैल का शाही स्नान करेंगे। उन्होंने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित होने लगी है। बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बीमार हरिद्वार आने से परहेज करें।
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शनिवार को प्रेसवार्ता कर जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी कुशल शासक और प्रशासक के अलावा उपासक भी हैं। फोन पर बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने संतों के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और अखाड़ों की दिनचर्या पूछी। कोविड-19 के बढ़ते प्रसार के बीच अखाड़ों में पूजा, परंपराएं और आध्यात्मिक अनुष्ठान आदि की भी जानकारी ली।
 
अवधेशानंद गिरि ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को हरिद्वार की मौजूदा परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रमुख शाही स्नान सकुशल संपन्न हो गए। यह भी जानकारी दी गई कि कोरोना फैलने की वजह हरिद्वार महाकुंभ नहीं है। हरिद्वार में प्रदेश में सबसे अधिक कोरोना की जांचें हुई हैं।

पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के 22 संत संक्रमित

आश्रम और अखाड़ों से लेकर मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के सैंपल लिए गए हैं। श्रद्धालु भी नेगेटिव रिपोर्ट लेकर मेला क्षेत्र में आए। कोविड की दृष्टि से अतिसंवेदनशील गुजरात, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से भी श्रद्धालु हरिद्वार आए।

उन्हीं में श्रद्धालुओं के संक्रमित होकर आने से हरिद्वार में संक्रमण का प्रसार शुरू हुआ है। जूना पीठाधीश्वर ने कहा कि संन्यासी संतों के महत्वपूर्ण शाही स्नान हो चुके हैं। जहां तक बैरागियों के 27 अप्रैल के शाही स्नान की परंपरा की बात है उनका स्नान होना चाहिए। मेला प्रशासन और शासन भी इसके लिए प्रतिबद्ध है।

बैरागी अपनी परंपरा से स्नान करें और संन्यासी अब प्रतीकात्मक स्नान ही करेंगे। उन्होंने कहा कि मेला खत्म नहीं हो रहा है। ऐसा भी नहीं कहा जा रहा कि 27 अप्रैल का स्नान नहीं होगा, लेकिन जनता सीमित संख्या में आए और कोविड नियमों का पालन करें।

धर्म और आस्था से बड़ा है जीवन

जूना पीठाधीश्वर ने कहा कि धर्म और आस्था हमारी परंपराएं हैं, लेकिन जीवन और किसी के प्राणों की रक्षा उससे बड़ी है। हमें दूसरों के प्राणों की रक्षा करनी चाहिए। इसलिए कोविड के बढ़ते प्रसार के बीच उनके स्नान प्रतीकात्मक होंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से गंभीर स्थिति अन्य राज्यों के शहरों की है। इसलिए श्रद्धालु कम से कम आएं और कोविड नियमों का पालन कर खुद और दूसरों की जान बचाएं।

बिना नेगेटिव आश्रम में प्रवेश नहीं

जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ने कहा कि अखाड़ों और आश्रमों में लगातार कोरोना सैंपलिंग हो रही है। संत भी कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आ रहे हैं। उनके आश्रम के अलावा अधिकतर आश्रमों में बिना नेगेटिव रिपोर्ट प्रवेश नहीं है। वह खुद 12 बार अपनी कोविड जांच करवा चुके हैं। संन्यासी अखाड़ों के संत भी जांच करवाने आगे आ रहे हैं और सतर्कता एवं सावधानी बरत रहे हैं।

श्री निरंजनी ने अपने अखाड़े की घोषणा की

अवधेशानांद गिरि ने कहा कि श्री निरंजनी अखाड़े ने महाकुंभ समापन की नहीं बल्कि अपने अखाड़े से जुड़े संतों का मेला खत्म करने की घोषणा की है। 14 अप्रैल के शाही स्नान के बाद प्राय: संन्यासियों के स्नान पूरे हो जाते हैं। आखिरी शाही स्नान बैरागी करते हैं और यही इतिहास रहा है। 

बातचीत के बाद प्रधानमंत्री का ट्वीट

आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया।

मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी।

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