हरिद्वार दुष्कर्म-हत्या केस: घटना के आठवें दिन एक लाख का इनामी आरोपी राजीव सुल्तानपुर से गिरफ्तार
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हरिद्वार के ऋषिकुल में 11 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी और कपड़ा व्यापारी राजीव कुमार को गिरफ्तार करने में आखिरकार पुलिस सफल हो गई। घटना के आठवें दिन रविवार को पुलिस ने राजीव कुमार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से गिरफ्तार किया।
पुलिस की अभिरक्षा में राजीव रविवार देर रात करीब दो बजे हरिद्वार पहुंचेगा। दरिंदगी का मुख्य आरोपी राजीव कुमार का भांजा रामतीरथ यादव को पुलिस ने घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। छोटे भाई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस राजीव तक पहुंच सकी है।
20 दिसंबर को 11 वर्षीय मासूम का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म कर हत्या कर दी थी। घटना वाले दिन मासूम अपने घर के बाहर खेल रही थी। उसका शव कपड़ा कारोबारी राजीव के घर की तीसरी मंजिल पर बने कपड़े के गोदाम से बरामद हुआ था। राजीव के इस घर में उसका भांजा रामतीरथ यादव निवासी सुल्तानपुर रहता था। रामतीरथ ने बच्ची को पतंग देने के बहाने बुलाया था। जिस घर से शव बरामद हुआ था वह बच्ची के घर से करीब पचास मीटर की दूरी पर है।
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पुलिस ने 20 दिसंबर की रात को ही शव बरामद कर रामतीरथ यादव को दबोच लिया था, जबकि राजीव कुमार फरार हो गया था। घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया था। लोगों ने राजीव के घर पर पथराव करने के साथ सड़कों पर जाम लगा दिया था। इसके बाद हरिद्वार में लगातार सभी संगठनों की ओर से धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। राजीव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पर चौतरफा दबाव रहा। डीआईजी गढ़वाल रेंज नीरू गर्ग के नेतृत्व में राजीव की गिरफ्तारी का आपरेशन चलाया गया।
फैजाबाद, सुल्तानपुर और बस्ती की यूपी पुलिस ने मदद की
एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि राजीव कुमार को सीओ मंगलौर अभय सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने रविवार सुबह करीब नौ बजे सुल्तानपुर उप्र से गिरफ्तार कर लिया है। टीम में बीरेश, रविकांत, विनोद गुंसाई, नूरआलम, बृजपाल, इमरान शामिल रहे। राजीव की गिरफ्तारी में फैजाबाद, सुल्तानपुर और बस्ती की यूपी पुलिस ने मदद की।
परिवार को छोड़ गया था दिल्ली
एसएसपी ने बताया कि राजीव कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर का ही रहने वाला है। घटना के बाद वह वह परिवार को लेकर हरिद्वार से फरार हो गया था। परिवार के लोगों को दिल्ली छोड़ने के बाद सुल्तानपुर पहुंचा था। अपने पैतृक घर से रिश्तेदार के घर जाते वक्त रविवार सुबह उसकी घेराबंदी कर दबोच लिया। एसएसपी ने बताया राजीव कुमार पुलिस की छापामारी के बाद लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
शनिवार को हरिद्वार से उसके भाई गौरव कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस राजीव तक पहुंची। राजीव कुमार पर पुलिस महानिदेशक ने बीस हजार का इनाम घोषित किया था। विधानसभा में मामला उठने के बाद सरकार ने इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी थी। प्रेस वार्ता में एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, एएसपी बिशाखा अशोक भड़ाने, कोतवाली निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी मौजूद रहे।
सीओ मंगलौर के यूपी में नेटवर्क से जाल में फंसा राजीव
सीओ मंगलौर अभय सिंह के उत्तरप्रदेश में नेटवर्क आरोपी राजीव को जाल में फंसाने में काम आया। सीओ मूलरूप से देवरिया के रहने वाले और गोरखपुर से पढ़ाई की है। क्षेत्र में उनका मजबूत नेटवर्क बताया जाता है। लगातार तीन दिन से सीओ मंगलौर अभय सिंह के नेतृत्व वाली टीम राजीव के पैतृक और रिश्तेदारों के घरों पर निगरानी कर रही थी। लेकिन आरोपी घर नहीं जा रहा था। रविवार को रिश्तेदार के घर जाते वक्त रास्ते में उसे पकड़ लिया।
थानाध्यक्ष खानपुर अभिनव शर्मा के नेतृत्व में अंकुर शर्मा, डिंपल, रीना रावत, राहुल ने लखनऊ क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापे मारे। कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह प्रभारी के नेतृत्व में राजेंद्र रावत, अमित भट्ट, दीप गौड़, बीरेश, रवि पंत, विनोद गुसाईं, इमरान, जितेंद्र और सुनील मलिक ने फैजाबाद में दबिशें दी। सीयूजी रुड़की के प्रभारी प्रदीप चौहान और नितिन सुल्तानपुर में रहे। रानीपुर कोतवाली निरीक्षक योगेश सिंह देव के अगुवाई में विक्रम धामी, प्रवीण रावत, आफताब, संत राम ने दिल्ली की खाक छानी। सीयूजी हरिद्वार के प्रभारी राजीव चौहान के नेतृत्व में सुंदर लाल, पदम कुमार, वसीम आलम, उमेश, अजय, विवेक, शशिकांत, संत राम, आफताब ने कई दिनों तक गाजियाबाद में ताबड़तोड़ छापे मारे।
एएसपी विशाखा अशोक भड़ाने के नेतृत्व में सीओ बहादराबाद विजेंद्र डोबाल, सीओ सदर पूर्णिमा गर्ग, निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी, निरीक्षक हरपाल सिंह, निरीक्षक रविंद्र शाह, निरीक्षक योगेंद गुसाईं, निरीक्षक संतोष कुंवर, निरीक्षक राकेश, उप निरीक्षक रणवीर सिंह, पवन डिमरी, संजीत कंडारी, अरविंद रतूड़ी, कांस्टेबल सतेंद्र यादव, देवेंद्र चौधरी ने हरिद्वार में पूछताछ और छापे मारे। निरीक्षक शंकर सिंह के नेतृत्व में अमित भट्ट, देवेंद्र तोमर, लक्ष्मी मनोला, संदीपा भंडारी ने हरिद्वार एवं आसपास में सीसीटीवी खंगाले। उप निरीक्षक खेमेंद्र गंगवार के नेतृत्व में राजेश बिष्ट, सुनील मलिक ने देहरादून में तलाशी ली। निरीक्षक गोविंद कुमार और निरीक्षक कमल कुमार लुंठी के नेतृत्व में सुखपाल मान, संजीव थपलियाल, जयराज, अजय नेगी, हरजेंद्र, सुरेश, सुनील, राहुल, उदय, नानक, करम, नरेंद्र, अक्षय और हरीश शामिल रहे।