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दर्दनाक सड़क हादसे ने लील ली हरिद्वार और रुड़की के दो एसडीओ की जान, परिवार में मचा कोहराम

Wed, 11 Sep 2019 08:26 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार/रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार/रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 11 Sep 2019 08:26 AM IST
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Haridwar And Roorkee Two Sdo death in road Accident in  deoband
हादसे में मारे गए आकाशदीप का घर और रब्बान - फोटो : अमर उजाला

देवबंद में मंगलवार को सड़क हादसे में रुड़की निवासी ऊर्जा निगम के एसडीओ आकाशदीप और हरिद्वार के धनौरी निवासी रब्बान अली की मौत हो गई। आकाशदीप की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पैतृक गांव से परिजन और तमाम रिश्तेदार रुड़की की तरफ दौड़ पड़े। शव घर पहुंचा तो पत्नी और तीनों बेटे लिपट कर रोने लगे। बेटे की मौत से पिता सदमे में है और आंखों से आंसू बंद नहीं हो रहे हैं। दोपहर बाद मालवीय चौक स्थित शमशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।

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मूलरूप से जिला बिजनौर के गांव नांगल सोती और हाल मंगलौर रोड स्थित आकाशदीप एन्क्लेव कॉलोनी निवासी पवन सिंह पुत्र रामकुमार ऊर्जा निगम में एसडीओ के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती सहारनपुर में थी। सोमवार को वह विभागीय मीटिंग में कार से मेरठ गए थे। वहां से लौटते वक्त रात में देवबंद ओवरब्रिज पार कर हाईवे किनारे खड़ी एक ट्रैक्टर ट्रॉली से उनकी कार की भिड़ंत हो गई थी।
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पवन सिंह और उनके एक साथी की मौके पर ही मौत हो गई थी। देवबंद पुलिस ने इसकी जानकारी उनकी पत्नी को दी। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी सदमे में आ गई और घर में चीख पुकार मच गई। मौत की सूचना उनके पैतृक गांव में पिता रामकुमार व रिश्तेदारों और परिचितों को दी गई। इस पर सभी रुड़की की तरफ दौड़ पड़े। दोपहर बाद पवन सिंह का शव रुड़की स्थित आवास पर पहुंचा।
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तीनों बेटे भी पिता के शव से लिपटकर रोते रहे। रिश्तेदारों और परिचितों ने किसी तरह उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया। इस दौरान उनके विभाग के अधिकारी, रिश्तेदार और परिचित बड़ी संख्या में मौजूद रहे। दोपहर बाद मालचीय चौक स्थित शमशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

हाल में हुई थी ईई पर पदोन्नति
पवन सिंह के परिचितों ने बताया कि उनकी हाल ही में एसडीओ से अधिशासी अभियंता के पद पर पदोन्नति हुई थी। जल्द ही वह अधिशासी अभियंता का पद संभालने वाले थे। उनकी पदोन्नति से परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल था। विभाग से लेकर तक उन्हें बधाई दे रहे थे। लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था।

रब्बान अली की मौत से गांव और ससुराल में मातम

बिजली विभाग (उत्तर प्रदेश) में एसडीओ के बतौर तैनात रब्बान अली की देवबंद के पास मौत हो जाने से उनके पैतृक गांव राजपुर गढ़ मीरपुर तथा ससुुराल सलेमपुर में मातम छा गया। देर शाम उनके शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बड़ी संख्या में लोग उनके जनाजे में शामिल हुए और उन्हें श्रद्घांजलि दी। 

पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर के रब्बान अली (30) की पांच साल पहले 2014 में सहारनपुर विद्युत विभाग में जेई के तौर पर नौकरी लगी थी। वर्तमान में उनकी तैनाती कैलाशपुर में थी। रब्बान अली और उनके साथी रुड़की निवासी एसडीओ पवन सिंह की सोमवार को मेरठ में अभियंता संघ की बैठक से लौटते हुए देवबंद हाईवे पर मौत हो गई थी। सुबह जैसे ही खबर पहुंची हर कोई गमगीन हो गया।

मोहर्रम होने के कारण पहले से ही गांव में ताजिये निकाले जाने के कारण माहौल सोगवार था। जिसने भी रब्बान की मौत के बारे में सुना हक्का-बक्का रह गया। रब्बान की शादी तीन ही साल पहले 2016 में पास के ही गांव सलेमपुर में हुई थी। उनका दो साल का एक बेेटा भी है। देर शाम उनको सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। 

व्यवहार से बहुत नेक थे रब्बान 
ग्राम प्रधान आबिद अली का कहना है कि रब्बान अली व्यवहार से बहुत ही नेक थे। मेधावी रब्बान की जब सरकारी नौकरी लगी तो गांव में खुशी का माहौल था। जब भी वे गांव तो सभी से प्यार से मिलते थे। 

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