'उत्तराखंड के CM कब पूर्व हो जाए मालूम नहीं'
राजधानी देहरादून में किसानों के एक कार्यक्रम में पहुंचे कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री और शासन के अधिकारियों को नसीहत दे डाली।
रावत ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि यह वक्त की बात होती है कि मुख्यमंत्री कब पूर्व हो जाए पता नहीं चलता। उदाहरण दिया कि विजय बहुगुणा पांच साल का टारगेट लेकर सीएम बने थे।
तब मैंने उनसे कहा था कि जनता के लिए काम करो, वरना कब पूर्व मुख्यमंत्री बन जाओगे पता नहीं चलेगा। अब मैंने सीएम हरीश रावत से भी यही बात कही है।
हरक सिंह हार्क के समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने शासन के अधिकारियों के खिलाफ भी नाराजगी जताई।
उत्तराखंड की सरकार मकड़जाल है...
इंदिरानगर स्थित हिमालयन एक्शन रिसर्च सेंटर (हार्क) में एक कार्यशाला और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में पहुंचे हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार मकड़जाल है।
यहां मंत्रियों द्वारा जो भी घोषणा की जाती है वह शासन के अधिकारियों की आपत्तियों में उलझकर रह जाती है। उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद वह जनता के हकों के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
कहा कि वह किसानों को मरने नहीं देंगे। दो साल में दिखा देंगे कि उनके खेतों से भी सोना निकल सकता है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके संघर्ष की हर घड़ी में वह उनके साथ रहेंगे।
इस अवसर पर महेंद्र सिंह कुंवर, डॉ. अरविंद दरमोड़ा सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
खनन का मुद्दा सोनिया दरबार तक
उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत भले ही खुद कंफर्ट जोन में मान रहे हों लेकिन उनके विरोधी फिर लामबंद हो रहे हैं।
खनन एक बार फिर राज्य कांग्रेस कुनबे की एकजुटता में खलल डाल रहा है। इसी मुद्दे पर मंत्री यशपाल आर्य ने भी सीएम से नाराजगी जताई है। खनन का मामला एक बार फिर सोनिया गांधी के दरबार में भी पहुंचा है।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बुधवार को सोनिया गांधी और उनकेराजनैतिक सलाहकार अहमद पटेल से मिले। बताते हैं उन्होंने अपनी राज्यसभा की उम्मीदवारी की इच्छा खुलकर जता दी है।
बहुगुणा ने सरकार और संगठन की एकतरफा कार्यप्रणाली, वर्ग विशेष की उपेक्षा और सरकार की ओर हाल में लिए कुछ आपत्तिजनक फैसलों से संबंधित प्रमाणिक जानकारी आलाकमान को दी।
आर्य की इस्तीफे के पेशकश की चर्चा
बहुगुणा अपने करीबी विधायक और मंत्री पद के प्रबल दावेदार सुबोध उनियाल के साथ केंद्रीय नेताओं से मिले।
बताते हैं बहुगुणा ने प्रदेश में कांग्रेस को मजबूती देने के लिए कैबिनेट में सहयोगियों के स्थान पर पार्टी के वरिष्ठ विधायकों को शामिल करने की बात कही है। बहुगुणा ने अपनी उपेक्षा और समर्थकों के साथ भेदभाव की शिकायत भी की।
सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों सीएम के औद्योगिक सलाहकार रंजीत रावत और यशपाल आर्य के बीच कोसी नदी में खनन को लेकर फोन पर कहासुनी हुई थी।
रंजीत की बात से आहत आर्य ने अपनी नाराजगी सीएम से जताते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी। हालांकि न तो आर्य, न ही सीएम इसकी पुष्टि कर रहे हैं।