खुफिया विभाग की रिपोर्ट, खतरे में उत्तराखंड के सीएम
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हल्द्वानी में विगत 28 नवंबर को मुख्यमंत्री हरीश रावत की कार पर हुए हमले के बाद सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है। फिलहाल उनकी सुरक्षा में 12 प्रशिक्षित कमांडो जोड़ दिए गए है। हालांकि यह संख्या पहले से ही स्वीकृत है, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद हरीश रावत ने स्वयं ही अपनी सुरक्षा में कमी कर दी थी।
खुफिया विभाग ने रिपोर्ट दी है कि कई घटनाएं होने से सरकार के प्रति माहौल तनावपूर्ण है। इसलिए सीएम की सुरक्षा में कोताही ना बरती जाए। गृह विभाग की तरफ से भी सभी डीएम व एसएसपी को निर्देश भेजे गए है कि अपने अपने जिलों में सीएम के आगमन पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाए।
हल्द्वानी में नाबालिग बच्ची की हत्या केबाद परिजनों से मिलने गए मुख्यमंत्री हरीश रावत को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था।
सीएम के पहले दिन से ही सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्देश थे कि बहुत ज्यादा सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा में ना लगाए जाए। लेकिन हल्द्वानी में सीएम की कार पर हुए हमले ने सुरक्षा कवच बढ़ाने केलिए मजबूर कर दिया।
अभी थी ऐसी सुरक्षा
फिलहाल सीएम के सुरक्षा कवच में एक इंस्पेक्टर व तीन सब-इंस्पेक्टर होते थे। हरीश रावत ने मुख्यमंत्री बनने के बाद इनमें से भी कम किए और सभी कमांडो हटा दिए थे।
लेकिन अब मुख्यमंत्री के लिए स्वीकृत सुरक्षा टीम को पूरी तरह से लगा दिया है। 12 प्रशिक्षित कमांडो भी सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे।
खुफिया विभाग से मिल रही रिपोर्ट के आधार पर सीएम को सार्वजनिक कार्यक्रमों में स्टैंडर्ड के अनुसार ही सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराए जाने के आदेश दिए गए है।
क्योंकि अब सरकारी मशीनरी ने मान लिया है कि हल्द्वानी में उस दिन कोई बड़ी घटना हो सकती थी। इसके बाद रुड़की में भी सीएम की फ्लीट में घुसे बाइकर ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी थी। प्रदेश में राज्यपाल और मुख्यमंत्री का सुरक्षा कवच एक ही जैसा स्वीकृत है।