उत्तराखंडः पहाड़ पर 25 मिनट बरसे ओलों ने मचाई तबाही
- 25 मिनट तक भारी ओलावृष्टि से 73 बकरियां मरी, फसलें बर्बाद
- पहाड़ी गिरने से चकराता-लाखामंडल मार्ग बंद, दो दर्जन गांवों का संपर्क कटा
- सावड़ा खड्ढ के उफनने से पेयजल लाइन बही, पानी का संकट गहराया
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पहाड़ पर मंगलवार को ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। कई गांवों के पशुपालकों की 112 बकरियों की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो गई है। बारिश के साथ करीब 25 मिनट तक जमकर ओले गिरे। जिससे खेतों में सफेद चादर बिछ गई। खेत में काम रहे कई किसानों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंच कर खुद को ओलावृष्टि से बचाया।
सेब, नाशपाती, आड़ू, खुमानी, पूलम को भी भारी क्षति पहुंची है। नागथात क्षेत्र में शाम तीन बजे ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि पांच से 10 मिनट तक जारी रही। उपजिलाधिकारी ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, चकराता-लाखामंडल मोटर मार्ग पर पहाड़ी दरकने से दांवापुल के पास मोटर मार्ग बंद हो गया।
दो दर्जन गांवों का संपर्क कटा, आवाजाही पूरी ठप
शाम चार बजे से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी है। दो दर्जन गांव का संपर्क चकराता से कट गया है। उधर, भारी बारिश के बीच सावड़ा खड्ड के उफनने से सावड़ा बाजार के लिए बिछाई गई पेयजल लाइन बह गई।
यहां 60 परिवारों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। मैदानी क्षेत्र में भी मंगलवार को आंधी तूफान से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। नीम्गा में कोठगाढ़ खड्ड आए उफान तीन पेयजल योजनाएं और तीन नहरें बह गई। चारागाड खड्ड में आया उफान अल्सी नहर को बहा ले गया।