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Rishikesh: अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के समापन में पहुंचे राज्यपाल, कहा- योग एक सूत्र में बंधने का मंत्र

Sun, 22 Mar 2026 08:29 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 22 Mar 2026 08:29 PM IST
सार

राज्यपाल ने कहा कि योग प्रेम, शांति, भक्ति और शौर्य का संदेश है। हर व्यक्ति को यह अमृत पीना चाहिए। देश, विदेश में योग का प्रचार-प्रसार होना चाहिए।

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Governor Gurmeet Singh Attends Conclusion of Seven-Day International Yoga Festival States In Rishikesh
ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

गढ़वाल मंडल विकास निगम की ओर से मुनि की रेती स्थित जीएमवीएन गंगा रिजॉर्ट में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के अंतिम दिन राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) शामिल हुए। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड केवल गंगा का ही नहीं योग और आध्यात्म का भी उद्गम स्थल है।

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यहां की जड़ी बूटियां, शुद्ध वायु और हिमालय की शांति, इसे विश्व का वेलनेस हब बनाती है। मेरा विश्वास है योग उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के शिखर पर पहुंचा देगा।
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राज्यपाल ने कहा कि योग प्रेम, शांति, भक्ति और शौर्य का संदेश है। हर व्यक्ति को यह अमृत पीना चाहिए। देश, विदेश में योग का प्रचार-प्रसार होना चाहिए। जिस भी व्यक्ति को शांति और आध्यात्मिकता की अनुभूति करना है, वह उत्तराखंड में चले आए। यदि आप योग की दिशा में जाएंगे तो एक समय ऐसा आएगा कि आपका प्रभु से मिलन होगा। योग एक सूत्र में बंधने का मंत्र है। हमें योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लेना चाहिए। मुझे विश्वास है कि हमारी आने वाली पीढ़ी पूरे विश्व को योग का पाठ पढ़ाएगी।
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राज्यपाल ने विश्व जल दिवस पर कहा कि जल हमारे विचार, सोच और हमारी धारणा का वाहक भी होता है। मनुष्य का संकल्प भी मां गंगा जैसा होना चाहिए, जो आपको, आपके परिवार, समाज और आपके राष्ट्र को सिद्धि तक लेकर जाए। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विश्वगुरु, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया है। योग आज वैश्विक जन आंदोलन बन चुका है। आज पूरा विश्व योग को अपनी सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठकर अपना रहा है।

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कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग विश्व के करीब 144 देशों में पहुंचा है। उस योग की जननी मुनि की रेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम (ऋषिकेश) है। इस मौके पर नगर पालिका परिषद मुनि की रेती ढालवाला अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण, स्वामी अवधेशानंद गिरी, प्रेम बाबा, ऊषा माता, नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा आदि शामिल रहे।

योगाचार्यों को किया सम्मानित
अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के अंतिम दिन विभिन्न संस्थानों से आए योग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगिक मुद्राओं का प्रदर्शन किया। योग जिज्ञासुओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में राज्यपाल की ओर से महोत्सव में योग की शिक्षा दे रहे योगाचार्यों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विजय छावरिया और डॉ. दीपक पटवर्धन की ओर से लिखित पुस्तक दिव्य अनुभूति बाबा नीम करोली महाराज की पुस्तक का विमोचन किया।

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