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नारी निकेतन प्रकरण: फजीहत के बाद बैकफुट पर आई सरकार
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Nov 2015 03:29 PM IST
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नारी निकेतन मामले में सरकार बैकफुट पर आ गई है। कुछ नहीं होने का दंभ भरने वाली सरकार को एसआईटी से जांच कराने का आदेश देना पड़ा है। जो काम पहले दिन होना चाहिए था, वह सप्ताह भर तक हुई फजीहत के बाद हुआ। दरअसल, इस मामले में यदि त्वरित कदम उठाया गया होता तो कई दिन तक चले बदनामी वाले घटनाक्रम से बचा जा सकता था।
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प्रदेश सरकार और उसके अफसरों ने नारी निकेतन के मामले को बेहद हल्के में लिया। घटना के खुलासे के दिन ही मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि मीडिया को ऐसे संवेदनशील मामले में किसी की बदनामी नहीं करनी चाहिए। अब सीएम के एसआईटी से जांच कराने के आदेश इस बात की पुष्टि करने के लिए काफी हैं कि नारी निकेतन में काफी कुछ गड़बड़ है।
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विधायक के उतावलेपन ने कराई फजीहत
नारी निकेतन में संवासिनियों के शोषण मामले में कांग्रेस की नैनीताल विधायक और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सरिता आर्य ने सरकार की कम फजीहत नहीं कराई। अपनी ही सरकार को पाक साफ बताकर मीडिया पर ठीकरा फोड़ने वाली सरिता आर्य को शासन ने मंगलवार को आइना दिखा दिया।
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विधायक ने जांच कर ऐलानिया अंदाज में कहा था कि नारी निकेतन में सब कुछ ठीक है। इधर, प्रशासन की जांच में मिली गड़बड़ी के बाद सरकार को एसआईटी का गठन करना पड़ा। पहले तो बिगड़ी परिस्थितियों में बगैर अनुमति नारी निकेतन में घुसने और किसी तरह की गड़बड़ी को खारिज करने के पीछे विधायक की क्या मंशा होगी, यह तो वही जाने, लेकिन एसआईटी के गठन का आदेश सरिता आर्य को आइना दिखाने जैसा ही है।