अब पेट्रोल और शराब पर भी लगेगा GST, जल्द तय होंगी टैक्स की दर
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अभी तक जीएसटी के दायरे से बाहर रखे गए पेट्रोल, डीजल और शराब पर भी अब जीएसटी लगेगा। जल्द ही इस पर लगने वाली टैक्स की दर भी तय होने जा रही है।
दून पहुंचे केंद्रीय विधि एवं कानून राज्यमंत्री एवं जीएसटी के उत्तराखंड प्रभारी पीपी चौधरी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्यों की मांग पर पेट्रोल उत्पाद और एल्कोहल को जीएसटी से बाहर रखा गया है।
दो दिन के दौरे पर दून पहुंचे मंत्री पीपी चौधरी ने पहले राज्य कर अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने प्रदेश के उद्योगपतियों, व्यापारियों की जीएसटी से जुड़ी समस्याएं जानी।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों की कुछ परेशानियां हैं जो कि जीएसटी काउंसिल के सामने रखकर दूर कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी तैयार और लागू होने में 13 साल का समय लगा है।
हमें राजनीतिक आजादी मिल गई थी लेकिन आर्थिक आजादी नहीं मिल पाई थी। अंग्रेजी के समय का टैक्स ढांचा ही चल रहा था। इससे पहले तक करीब 17 प्रकार के टैक्स लगते थे।
उत्तराखंड को होगा बड़ा लाभ
टैक्स के लाखों, करोड़ों रुपये के मामले कोर्ट में लटके हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक करीब 16 लाख करोड़ का टैक्स कलेक्शन था जिसमें जीएसटी के बाद करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने जा रही है।
जीएसटी काउंसिल में सभी 31 राज्यों से विचार विमर्श के बाद ही आगे की टैक्स दरें लागू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल उत्पाद और एल्कोहल भी जीएसटी के दायरे में आता
लेकिन राज्यों ने फिलहाल इस पर जीएसटी न लगाने की मांग की थी। इससे राज्यों को इनपुट क्रेडिट नहीं मिलेगा। लिहाजा, आने वाले समय में राज्यों की सहमति से पेट्रोल, डीजल व शराब को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाएगा।
उत्तराखंड को होगा बड़ा लाभ
केंद्रीय राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य को भी जीएसटी से बड़ा लाभ होगा। अभी तक प्रदेश में 85 प्रतिशत व्यापारी जीएसटी एनरोलमेंट में आ चुके हैं। बाकी के एनरोलमेंट का काम चल रहा है।