{"_id":"5d38bfe38ebc3e6cab1f6d14","slug":"good-works-combine-people-with-literature-dehradun-news-drn3140603140","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों को साहित्य से जोड़ती हैं अच्छी रचनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों को साहित्य से जोड़ती हैं अच्छी रचनाएं
विज्ञापन
राजभवन में लेखिका डा. नीलम प्रभा वर्मा की पुस्तक मन-मंजूषा का विमोचन करती राज्यपाल बेबी रानी मौर्
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज युवा पीढ़ी किताबों से दूर होती जा रही है, जिन्हें अच्छी रचनाओं से उन्हें साहित्य से जोड़ा जा सकता है। राजभवन में लेखिका डॉ. नीलम प्रभा वर्मा की पुस्तक ‘मन मंजूषा’ के विमोचन अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने यह बातें कहीं।
बुधवार को पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि लेखकों को अपनी रचनाओं में महिलाओं की समस्याओं और मुद्दों को संवेदनशीलता से उठाने की जरूरत है। महिलाओं के प्रति सम्मान व संवेदनाएं जगाने में अच्छी रचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के इस युग में पुस्तकों के प्रति प्रेम बनाए रखना एक चुनौती है। अच्छी रचनाओं के माध्यम से ही पाठकों को पुस्तकों के करीब लाया जा सकता है।
लेखिका डॉ. नीलम प्रभा वर्मा ने बताया कि मन मंजूूषा पुस्तक में कुल 78 रचनाएं हैं। इसमें राजनीति, संस्कृति, प्रकृति, मानवीयता, भावनाओं और लोक जीवन को विषय बनाया गया है। धाद प्रकाशन की ओर से प्रकाशित की गई पुस्तक साहित्य के विभिन्न रंगों को पाठकों के सामने लाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि लेखकों को अपनी रचनाओं में महिलाओं की समस्याओं और मुद्दों को संवेदनशीलता से उठाने की जरूरत है। महिलाओं के प्रति सम्मान व संवेदनाएं जगाने में अच्छी रचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के इस युग में पुस्तकों के प्रति प्रेम बनाए रखना एक चुनौती है। अच्छी रचनाओं के माध्यम से ही पाठकों को पुस्तकों के करीब लाया जा सकता है।
विज्ञापन
लेखिका डॉ. नीलम प्रभा वर्मा ने बताया कि मन मंजूूषा पुस्तक में कुल 78 रचनाएं हैं। इसमें राजनीति, संस्कृति, प्रकृति, मानवीयता, भावनाओं और लोक जीवन को विषय बनाया गया है। धाद प्रकाशन की ओर से प्रकाशित की गई पुस्तक साहित्य के विभिन्न रंगों को पाठकों के सामने लाती है।
विज्ञापन